मुंबई. उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में दोनों मानक सूचकांक…बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी सोमवार को लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुए. एशिया के अन्य बाजारों में कमजोर रुख तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी के बीच अमेरिकी शुल्क लागू होने की नौ जुलाई की समयसीमा करीब आने के साथ निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया.
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 9.61 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की नाममात्र तेजी के साथ 83,442.50 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान सूचकांक ऊंचे में 83,516.82 अंक तक गया और नीचे में 83,262.23 अंक तक आया. पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी स्थिर बंद हुआ. निफ्टी के 22 शेयर लाभ में जबकि 28 नुकसान में रहे. दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) तथा पेट्रोलियम कंपनियों के शेयरों में लाभ ने आईटी तथा धातु शेयरों में हुए नुकसान की भरपाई की.
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर चिंता से बाजार में उतार-चढ़ाव आया.
अमेरिका के भारत समेत विभिन्न देशों पर लगाये गये शुल्क को 90 दिन के लिए टाले जाने की अवधि नौ जुलाई को समाप्त हो रही है. अमेरिका में आयात होने वाले भारतीय उत्पादों पर 26 प्रतिशत का अतिरिक्त आयात शुल्क लगाये जाने की घोषणा की गयी है.
आशिका इंस्टिट्यूशनल इक्विटी के तकनीकी और डेरिवेटिव विश्लेषक सुंदर केवट ने कहा, ”सोमवार को भारतीय शेयर बाजार स्थिर बंद हुए. मानक सूचकांक निफ्टी 25,450 पर खुला. कारोबार के दौरान यह नीचे में 25,407 पर आया और ऊंचे में 25,489 के स्तर तक गया. पूरे सत्र के दौरान सूचकांक ने एक सीमित दायरे में कारोबार किया. इसका कारण निवेशक अमेरिकी शुल्क को लेकर सतर्क हैं.
उन्होंने कहा, ”बाजार प्रतिभागी आक्रामक रुख अपनाने को लेकर अनिच्छुक दिखे, जिससे सूचकांक सीमित दायरे में रहे.” सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स और आईटीसी लाभ में रहीं.
दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि., टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति और इटर्नल (पूर्व में जोमैटो) शामिल हैं. छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.33 प्रतिशत नीचे आया जबकि मझोली कंपनियों से संबंधित मिडकैप 0.15 प्रतिशत टूटा.
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ”सप्ताह की शुरुआत में बाजार में लगभग सुस्ती रही. बाजार अंत में लगभग स्थिर बंद हुआ. व्यापार समझौते को लेकर नई घोषणा और कंपनियों के तिमाही नतीजों की शुरुआत से पहले निवेशक देखो और इंतजार करो का रुख अपना रहा है.” एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट लाभ में रहे.
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख था. अमेरिकी बाजार शुक्रवार को लाभ में रहे थे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 68.50 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 760.11 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे.
