राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि,अंबिकापुर : शहर के महामाया पहाड़ पर शनिवार को मिले सड़े-गले शव की पहचान शुभम कश्यप (33) के रूप में हुई है। वह मोबाइल रिपेयरिंग दुकान चलाता था। कोतवाली थाने के पीछे मायापुर का रहने वाला शुभम 11 जुलाई से लापता था। स्वजन ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई थी। स्वजन ने चप्पल और कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की। गुमशुदगी की रिपोर्ट के बावजूद अज्ञात शव मिलने की सूचना नहीं देने पर स्वजन में नाराजगी है।स्वजन ने पुलिस पर लापरवाही और अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि है। स्वजन के आरोपों को देखते हुए रविवार रात कांग्रेस नेताओं ने कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई। शनिवार को महामाया पहाड़ स्थित सागौन नर्सरी में एक क्षत-विक्षत शव मिला था। खोपड़ी का हिस्सा फांसी के फंदे पर लटका था जबकि धड़ का भाग गलकर नीचे गिर गया था। मौके पर साड़ी और चप्पल मिलने के कारण शुरुआत में शव को युवती का माना गया था हालांकि, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हुआ कि शव एक युवक का है। शव के साथ मिले सामान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद रविवार शाम शुभम कश्यप के स्वजन कोतवाली थाने पहुंचे। वहां उन्होंने चप्पल और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की। शुभम जयस्तंभ चौक के पास मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। थाने के ठीक पीछे घर होने के बावजूद पुलिस द्वारा अज्ञात शव की जानकारी नहीं देने पर स्वजन में नाराजगी देखी गई। स्वजन का आरोप है कि, शुभम की गुमशुदगी की रिपोर्ट 11 जुलाई को ही कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने न तो खोजबीन में गंभीरता दिखाई और न ही शव मिलने की जानकारी परिवार को दी। शव की हालत खराब होने के कारण पोस्टमार्टम के बाद उसे लावारिस दफना भी दिया गया था। स्वजन के अनुसार शुभम नशे का आदी था। 10 जुलाई को नशे की हालत में घर पहुंचने पर स्वजन उसे कोतवाली थाने लेकर पहुंचे थे। स्वजन का कहना है कि वह कुछ भी कर सकता था इसलिए पुलिस से सहयोग की उम्मीद की गई थी लेकिन पुलिस ने उसे थाने में रखने से इनकार कर दिया। वह घर से एक झोला लेकर निकल गया और फिर वापस नहीं लौटा। इस बात की जानकारी जब पुलिस को दी गई तो बोला गया कि ठीक तो है,जा रहा है तो जाने दो। दावा किया गया कि स्वजन के मोबाइल पर एक संदेश भी आया था, जिसमें रुपयों की मांग की गई थी लेकिन पुलिस ने उस पर भी गंभीरता नहीं दिखाई। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के व्यवहार पर जताई नाराजगी कांग्रेस नेताओं ने रविवार रात कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। दरअसल मृतक के स्वजन ने पुलिस पर असंवेदनशीलता का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि था। उनका कहना था कि रविवार को पहचान के लिए थाने पहुंचने पर वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। पति की पहचान होने पर पत्नी और स्वजन फूट-फूटकर रो पड़े। घटना की जानकारी मिलने पर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता समेत अन्य कांग्रेस नेता कोतवाली थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से स्वजन के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की मांग की और लापरवाही के आरोपों की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कही। महामाया पहाड़ पर सड़ा-गला शव मिला था। उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी।पुलिस ने लावारिस मान कर उसका कफ़न-दफन कर दिया था। उसकी पहचान पूरी होने के बाद पुलिस ने जरूरी प्रक्रिया पूरी कर शव को सौंप दिया। नगर निरीक्षक शशिकांत सिन्हा ने बताया कि कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से कब्र से शव को बाहर निकलवाने की अनुमति लेने के बाद प्रक्रिया पूरी की गई। अंतिम संस्कार के लिए शव को स्वजन को सौंप दिया गया है।

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