नयी दिल्ली. उद्योगपति अनिल अंबानी ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों को धोखाधड़ी वाली श्रेणी में डालने के फैसले को चुनौती दी है. इससे पहले बंबई उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में एसबीआई के फैसले को बरकरार रखा था.

यह मामला अभी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुआ है. उच्च न्यायालय ने तीन अक्टूबर को अंबानी की याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि याचिका में कोई दम नहीं है. एसबीआई ने पिछले साल इन खातों को धोखाधड़ी वाला घोषित किया था. बैंक का आरोप है कि दिए गए कर्ज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए धन का दुरुपयोग किया गया.

अंबानी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर तर्क दिया था कि बैंक ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया और उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दिया गया. याचिका में दावा किया गया कि जिन दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी वाला खाता घोषित करने का आदेश दिया गया, वे दस्तावेज शुरू में उन्हें नहीं दिए गए और छह महीने बाद उपलब्ध कराए गए.

इस साल बैंक ने इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े परिसरों और अंबानी के आवास पर तलाशी ली थी. एसबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी द्वारा कथित दुरुपयोग से उसे 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है.

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