गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि बांग्लादेश के कुल 15 नागरिकों को निर्वासित कर दिया गया है. शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”अवैध घुसपैठ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई. भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी कड़ी निगरानी जारी रखते हुए श्रीभूमि जिला पुलिस ने बांग्लादेश के दो नागरिकों को पकड़ा और उन्हें वापस भेज दिया.” असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सलमारा-मनकाचर जिले बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर तक अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं. शर्मा ने बताया कि विदेशी नागरिकों की पहचान इरफान खान और नूरुल अफसर के रूप में हुई.

उन्होंने कहा, ”असम पुलिस द्वारा यह सख्त निगरानी जारी रहेगी.” असम के मुख्यमंत्री ने बाद में एक और पोस्ट में कहा कि बांग्लादेश के 13 और नागरिकों को सुतारकंडी के रास्ते निर्वासित किया गया है. उन्होंने कहा, ”हम अवैध घुसपैठ पर दृढ़ रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” श्रीभूमि के सुतारकंडी में एक एकीकृत चौकी (आईसीपी) है, पूर्वोत्तर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कुल तीन आईसीपी हैं और दो अन्य मेघालय के दावकी तथा त्रिपुरा के अखौरा में हैं.

इस क्षेत्र में भारत-भूटान सीमा पर असम के दर्रांगा में एक और आईसीपी है. असम पुलिस ने पहले कहा था कि पिछले वर्ष बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद पड़ोसी देश से गैर भारतीय नागरिकों के यहां प्रवेश करने के किसी भी प्रयास को रोकने के मकसद से राज्य बल और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) हर संभव प्रयास कर रहा है.

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