नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल में बारह वर्षीय बालिका से कथित दुष्कर्म के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने मंगलवार को यहां ‘महारैली’ निकाली. मामले में आरोपी अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित 72 वर्षीय व्यक्ति है . पिछले सप्ताह सामने आयी इस घटना ने शहर में सांप्रदायिक तनाव भड़का दिया.

‘सनातन चिंतन सभा’ नाम की यह रैली पंत पार्क से शुरू हुई और इसका समापन मल्लीताल में नगर पालिका कार्यालय पर हुआ जहां एक जनसभा भी आयोजित की गयी. प्रदर्शनकारियों ने दुष्कर्म की निंदा की तथा आरोप लगाया कि अधिकारियों और अदालत ने आरोपी के घर को गिराने पर रोक लगाकर उसके प्रति नरम रुख अपनाया है. जुलूस ने बाजार की तरफ जाने का भी प्रयास किया लेकिन उसे पुलिस ने रोक लिया जिससे दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त टकराव हुआ . बाजार क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गयी है .

विश्व हिंदू परिषद के नेता रणदीप पोखरियाल ने कहा कि सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग आरोपी के पक्ष में नहीं किया जाना चाहिए .
प्रदर्शनकारियों ने बाद में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा . उपजिलाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि मामले में अधिकारी तत्परता से काम कर रहे हैं और उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मामले की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया है .

उपजिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर नैनीताल में बसे बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है .
हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए. इस बीच, मुस्लिम संगठन अंजुमन इस्लामिया ने शहर में एक बैठक कर दुष्कर्म की घटना की निंदा की और आरोपी को समुदाय से बहिष्कृत करने का निर्णय लिया. संगठन के अध्यक्ष शोएब अहमद ने कहा, ‘ हम पीड़ित के साथ खड़े हैं . अंजुमन इस्लामिया पीड़िता के इलाज तथा उसकी आगे की पढ़ाई का खर्चा वहन करेगा.” उन्होंने कहा, ‘हम आरोपी के लिए सख्त से सख्त सजा चाहते हैं.’

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