ढाका: बांग्लादेश में युवा नेता उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका में हिंसा भड़क उठी। सड़कों पर उतरे युवाओं ने अखबार और राजनीतिक दलों की इमारतों को निशाना बनाया। हिंसा और आगजनी के बाद हालात चिंताजनक हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई तस्वीरें चुनाव की तैयारी में लगे पड़ोसी देश की मौजूदा स्थिति को बयां कर रही हैं। ढाका में तनावपूर्ण हालात के बाद क्या कर रही है मोहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार? पुलिस और प्रशासन किस तरह की सख्तियां कर रहे हैं?
हिंदू युवक की लिंचिंग पर अंतरिम सरकार सख्त, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा
बांग्लादेश की मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने हिंदू युवक की लिंचिंग की कड़ी निंदा की है। सरकार ने कहा कि न्यू बांग्लादेश में सांप्रदायिक नफरत और भीड़ की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। बयान में साफ किया गया कि इस निर्मम हत्या में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर सख्त कार्रवाई होगी।
सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ अलग-थलग आतंकी तत्व देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही आगजनी, तोड़फोड़, डर फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को चेतावनी दी गई कि लोकतांत्रिक परिवर्तन में बाधा डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अल्पसंख्यकों पर हमलों की चिंता
इस बीच, बांग्लादेश में हालात पर चिंता जताते हुए पूर्व राजदूत अनिल त्रिगुणायत ने कहा कि देश में अल्पसंख्यक समुदायों और भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाया जा रहा है।
