नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की जीत का जश्न मनाए जाने के दौरान बेंगलुरु में मची भगदड़ में हुई मौतों को लेकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की आलोचना की और मांग की कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और गृह मंत्री जी. परमेश्वर इस घटना की जिम्मेदारी लें.

भाजपा की कर्नाटक इकाई के प्रमुख बी वाई विजयेंद्र ने सिद्धरमैया सरकार पर पुलिस पर दबाव डालने तथा बिना किसी तैयारी और पर्याप्त पुलिस तैनाती के समारोह आयोजित करने का आरोप लगाया. आईपीएल में आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के जुटने के बाद मची भगदड़ में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए.

विजयेंद्र ने बेंगलुरु में कहा, ”क्या तैयार रहना राज्य सरकार की जिम्मेदारी नहीं है? क्या उन्हें पता नहीं था कि लाखों लोग समारोह में आएंगे?” केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस घटना के लिए कर्नाटक सरकार को जिम्मेदार ठहराया और जवाबदेही तय करने की मांग की.
कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से भाजपा सांसद जोशी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”खराब योजना और भीड़ के कुप्रबंधन के कारण इस तरह का नुकसान देखना दिल दहला देने वाला है.” उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक की राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में स्पष्ट रूप से विफल रही है.

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा की और भाजपा पर इस त्रासदी को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए लोगों की जान जाने के लिए ”राज्य प्रायोजित लापरवाही” को जिम्मेदार ठहराया.

उन्होंने कहा, ”जश्न का माहौल त्रासदी में तब्दील हो गया है… गृह मंत्री (जी. परमेश्वर) को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया) को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.” पूनावाला ने आरोप लगाया, ”यह राज्य प्रायोजित लापरवाही, राज्य प्रायोजित असंवेदनशीलता, राज्य प्रायोजित हत्या से कम नहीं है.” भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कर्नाटक सरकार पर ”आपराधिक लापरवाही” का आरोप लगाया. भंडारी ने कहा, ”एक भयानक भगदड़ में निर्दोष लोगों की जान चली गई – यह सब इसलिए हुआ क्योंकि कांग्रेस सरकार भीड़ को संभाल नहीं पाई. कोई योजना नहीं, कोई जिम्मेदारी नहीं, कोई जवाबदेही नहीं. यह सिर्फ कुशासन नहीं है, यह आपराधिक लापरवाही है.”

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