न्यूयॉर्क. अक्सर विरोधाभासी बयान देने के लिए पहचाने जाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब दावा किया है कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के दौरान आठ विमान मार गिराए गए थे. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये विमान किस देश के थे.
ट्रंप ने बुधवार को फ्लोरिडा के मियामी में ‘अमेरिका बिजनेस फोरम’ को संबोधित करते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के दौरान मार गिराए गए विमानों की संख्या सात के बजाय आठ बतायी. अब तक वह यही कहते रहे हैं कि संघर्ष के दौरान सात विमान मार गिराए गए थे.
उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान और भारत…मैं उन दोनों के साथ एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा था और तभी…मैंने सुना कि वे युद्ध करने जा रहे हैं. सात विमान मार गिराए गए और आठवां विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया… कुल मिलाकर आठ विमान मार गिराए गए.” ट्रंप ने यह भी दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच मई में तब ”शांति स्थापित” हुई जब उन्होंने दोनों परमाणु सशस्त्र देशों को धमकी दी कि अगर वे अपना सैन्य संघर्ष जारी रखते हैं तो वह (ट्रंप) उनके साथ व्यापार समझौते रद्द कर देंगे.
ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रुकने के बाद से कई बार अपना यह दावा दोहराया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया, ”मैंने कहा, यह युद्ध है…’जब तक आप शांति के लिए सहमत नहीं होते तब तक मैं आप लोगों के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करूंगा. दोनों देशों ने कहा, ‘बिल्कुल नहीं. इसका व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है…’ मैंने कहा, ‘इसका हर चीज से लेना-देना है. आप परमाणु शक्ति संपन्न हैं. मैं आपके साथ व्यापार नहीं करूंगा. अगर आप एक-दूसरे के साथ लड़ेंगे तो हम आपके साथ कोई समझौता नहीं करेंगे.” उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ”एक दिन बाद मुझे फोन आया कि ‘हमने शांति स्थापित कर ली है.’ वे रुक गए. मैंने कहा, ‘धन्यवाद. चलो व्यापार करते हैं.’ क्या यह बढि.या नहीं है? शुल्क (टैरिफ) के कारण ऐसा हुआ… टैरिफ के बिना, यह कभी नहीं होता.” ट्रंप ने कहा कि आठ महीनों में उन्होंने कोसोवो और र्सिबया तथा कांगो और रवांडा सहित आठ युद्धों को समाप्त कर दिया, जो लंबे समय से जारी थे.
ट्रंप ने 10 मई को सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि भारत और पाकिस्तान वाशिंगटन की मध्यस्थता में ”देर रात” तक चली बातचीत के बाद ”पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम” पर सहमत हो गए हैं. इसके बाद से वह 60 से अधिक बार यह दावा दोहरा चुके हैं.
हालांकि, भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से हमेशा इनकार किया है.
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के जवाब में सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे. भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद संघर्ष को समाप्त करने के लिए 10 मई को सहमति बनी.
मियामी में अपने भाषण में ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने इजराइल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, आर्मेनिया और अजरबैजान तथा कंबोडिया और थाईलैंड के बीच भी संघर्षों को सुलझाने में मदद की. ट्रंप ने कहा, ”ये सभी देश युद्ध में शामिल थे… कुछ युद्ध 32 साल पुराने थे. एक तो 38 साल पुराना था. मैंने इनमें से कुछ का निपटारा एक घंटे में कर दिया. संयुक्त राष्ट्र से कोई मदद नहीं मिली.” उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अमेरिका अपनी ताकत के दम पर शांति स्थापित कर रहा है ”क्योंकि वे जानते हैं कि वे हमारे साथ खिलवाड़ नहीं करेंगे. कोई भी हमारे साथ खिलवाड़ नहीं करेगा.” ट्रंप ने हाल ही में चीन, जापान और मलेशिया के साथ किए गए आर्थिक समझौतों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ”ये सभी शानदार आर्थिक समझौते हैं, जो सभी के लिए फायदेमंद हैं.”
ट्रंप ने न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर ममदानी का मजाक उड़ाते हुए कहा ”जो भी उनका नाम है”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी का मजाक उड़ाते हुए उनका नाम ही नहीं लिया और कहा कि ”जो भी उनका नाम है”. साथ ही ट्रंप ने यह दावा किया कि चार नवंबर को हुए चुनावों के बाद अब अमेरिकी जनता को ”वामंपथ और सामान्य बोध (कॉमस सेंस)” के बीच में से एक को चुनना होगा.
फ्लोरिडा के मियामी में बुधवार को ‘अमेरिका बिजनेस फोरम’ को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि जब वह पिछले साल पांच नवंबर को दूसरी बार राष्ट्रपति चुने गए तब अमेरिकी जनता ने अपनी संप्रभुता ”बहाल” की थी लेकिन मंगलवार को मेयर चुनाव के साथ उसका ”कुछ हिस्सा खो दिया” है. यह बयान उस समय आया जब एक दिन पहले भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी को न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मेयर के रूप में चुना गया.
ट्रंप ने चेतावनी दी, ”आप देखना, न्यूयॉर्क में क्या होता है, भयानक… मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा न हो, लेकिन आप देखोगे.” उन्होंने कहा, ”…और वह ममदानी या जो भी उनका नाम है, सोचते हैं कि पुरुषों का महिलाओं के खेलों में खेलना बहुत शानदार है.” ट्रंप ने पहले भी चेतावनी दी थी कि ममदानी की जीत न्यूयॉर्क सिटी के लिए ”पूरी तरह आर्थिक और सामाजिक तबाही” लेकर आएगी.
उन्होंने कहा, ”मंगलवार के नतीजों के बाद, अब अमेरिकी जनता के सामने चुनाव बहुत साफ है हमारे पास दो विकल्प हैं : वामंपथ या कॉमन सेंस. क्या यह आपको समझ में आता है?” उन्होंने दोहराया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका किसी भी रूप में साम्यवादी देश नहीं बनेगा.
इस बीच, अपने तेजतर्रार विजयी भाषण में ट्रंप के कट्टर आलोचक रहे ममदानी ने कहा था कि न्यूयॉर्क ”हमेशा एक ऐसा शहर रहेगा जिसका निर्माण आव्रजक ने किया, जो आव्रजकों से चलता है और अब एक आव्रजक उसका नेतृत्व करेगा.” उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ”आखिरकार, अगर कोई डोनाल्ड ट्रंप द्वारा धोखा दिए गए देश को उन्हें हराने का तरीका दिखा सकता है तो वह न्यूयॉर्क ही है जिसने उन्हें शिखर पर पहुंचाया. अगर किसी तानाशाह को डराने का कोई तरीका है, तो वह उन्हीं परिस्थितियों को खत्म करना है जिन्होंने उसे सत्ता हासिल करने में मदद की.”
ट्रंप ने बुधवार को ही मियामी में ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में ममदानी के विजयी भाषण को ”बहुत गुस्से से भरा” बताया और कहा कि ममदानी ने अपनी शुरुआत ही गलत तरीके से की है और अगर वह वाशिंगटन के प्रति सम्मान नहीं रखेंगे तो उनके सफल होने की कोई संभावना नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”हाँ, मुझे लगा कि यह बहुत गुस्से वाला भाषण था, निश्चित रूप से मेरे खिलाफ गुस्सा झलक रहा था. मेरा मानना है कि उन्हें मेरे प्रति अच्छा व्यवहार करना चाहिए. आप जानते हैं, बहुत सी चीजें जो उनके पास आती हैं, उन्हें मंजूरी देने वाला मैं ही हूं. तो उन्होंने शुरुआत ही गलत दिशा में की है.”
