न्यूयॉर्क/ वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह भारत द्वारा अमेरिका को भुगतान किए जाने वाले आयात शुल्क को काफी हद तक बढ़ाएंगे. ट्रंप ने भारत पर भारी मात्रा में रूस से तेल खरीदने और उसे बड़े मुनाफे पर बेचने का आरोप लगाया.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में कहा, “भारत रूस से भारी मात्रा में तेल सिर्फ खरीद ही नहीं रहा है, बल्कि उस तेल के बड़े हिस्से को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा भी कमा रहा है.” इसके साथ ही ट्रंप ने कहा,”उन्हें (भारत को) इस बात की कोई परवाह नहीं है कि यूक्रेन में रूस की युद्ध मशीन कितने लोगों की जान ले रही है. इसी वजह से मैं भारत से अमेरिका को दिए जाने वाले शुल्क को काफी बढ़ाने जा रहा हूं.” ट्रंप ने पिछले हफ्ते भारतीय आयात पर 25 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाने के साथ ही रूस से तेल एवं गैस खरीदने पर दंडात्मक जुर्माना लगाने की भी घोषणा की थी.

भारत का रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध को वित्तपोषित करना अस्वीकार्य : ट्रंप के सहयोगी

न्यूयॉर्क/मॉस्को. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक शीर्ष सहयोगी ने भारत पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह खुद को दुनिया में अमेरिका के सबसे करीबी दोस्तों में से एक बताता है लेकिन हम पर भारी शुल्क लगाता है, आव्रजन नीतियों पर ”धोखा” देता है और रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध का वित्तपोषण कर रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने ‘फॉक्स न्यूज संडे’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि ट्रंप ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि ” भारत का रूस से तेल खरीदकर इस (यूक्रेन के खिलाफ) युद्ध का वित्तपोषण जारी रखना स्वीकार्य नहीं है.” मिलर ने कहा, ” लोगों को यह जानकर आश्चर्य होगा कि रूसी तेल खरीदने के मामले में भारत मूलत? चीन के बराबर है.” उन्होंने कहा, ” यह एक आश्चर्यजनक तथ्य है.”

मिलर ने कहा, ” भारत खुद को दुनिया में हमारे सबसे करीबी दोस्तों में से एक बताता है, लेकिन वे हमारे उत्पादों को स्वीकार नहीं करते, हम पर भारी शुल्क लगाते हैं. हम यह भी जानते हैं कि वे आव्रजन नीतियों में बहुत धोखाधड़ी करते हैं, जो अमेरिकी कामगारों के लिए बहुत नुकसानदेह है. साथ ही, हम एक बार फिर से रूस से तेल की खरीद देख रहे हैं.” उन्होंने कहा कि ट्रंप एक मजबूत संबंध चाहते हैं और भारत तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनके हमेशा से ही मजबूत संबंध रहे हैं, लेकिन अमेरिका को इस (यूक्रेन) युद्ध के वित्तपोषण से निपटने के बारे में वास्तविक रूप से सोचना होगा.

मिलर ने कहा, ” राष्ट्रपति ट्रंप के पास यूक्रेन में जारी युद्ध से कूटनीतिक, वित्तीय एवं अन्य तरीकों से निपटने के लिए सभी विकल्प मौजूद हैं ताकि हम शांति स्थापित कर सकें और उस युद्ध को समाप्त कर सकें जिसके लिए डेमोक्रेट पार्टी और (पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति) जो बाइडेन जिम्मेदार हैं.” ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा बहुत अधिक है.

उन्होंने कहा कि यद्यपि ” भारत हमारा मित्र है, परन्तु हमने पिछले कई वर्ष में उनके साथ अपेक्षाकृत कम व्यापार किया है, क्योंकि उनके शुल्क बहुत अधिक हैं जो विश्व में सबसे अधिक हैं. उनके यहां किसी भी देश की तुलना में सबसे कठोर और अप्रिय गैर-मौद्रिक व्यापार बाधाएं हैं.” ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर दोनों देशों के बीच जारी बातचीत में कुछ गतिरोध के संकेतों के बीच भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है. इसके अलावा ट्रंप ने रूस से सैन्य उपकरण और कच्चा तेल खरीदने के लिए भारत पर अतिरिक्त जुर्माना लगाने का भी फैसला किया है.

यूक्रेन से शांति समझौते के लिए रूस को ट्रंप से मिली समयसीमा नजदीक आई

रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से अधिक समय से जारी युद्ध में इस हफ्ते एक अहम मोड़ आ सकता है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मॉस्को को कीव के साथ शांति समझौते के लिए दी गई समयसीमा खत्म होने वाली है. ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के इस सप्ताह के मध्य में मॉस्को पहुंचने की उम्मीद है. विटकॉफ की यात्रा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस को यूक्रेन में युद्ध रोकने के लिए शुक्रवार तक की समयसीमा दी है और ऐसा न होने पर उन्होंने मॉस्को के खिलाफ कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कही है.

हालांकि, ट्रंप के पिछले वादे, चेतावनियां और प्रलोभन युद्ध रोकने में विफल साबित हुए हैं, ऐसे में जानकारों को दोनों पक्षों में शांति समझौता होने की उम्मीदें काफी कम नजर आ रही हैं. इस बीच, यूक्रेन अग्रिम मोर्चे पर अधिक क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण खोते जा रहा है. हालांकि, उसके सुरक्षा ढांचे के कमज.ोर होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है.

ट्रंप के अनुसार, इजराइल और गाजा पट्टी की यात्रा के बाद विटकॉफ के बुधवार या बृहस्पतिवार को मॉस्को पहुंचने की संभावना है.
ट्रंप ने रविवार को रूस के बारे में कहा, ”वे (विटकॉफ) से मिलना चाहेंगे. उन्होंने विटकॉफ से मिलने का अनुरोध किया है, तो देखते हैं कि क्या होता है.” ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेनी शहरों पर बमबारी रोकने के उनके आ”ान पर ध्यान नहीं दिया है. उन्होंने एक सप्ताह पहले रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने के साथ ही उससे तेल खरीदने वाले चीन और भारत सहित अन्य देशों पर शुल्क लगाने की चेतावनी दी थी.

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