दा नांग (वियतनाम). वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्की ने मंगलवार को कहा कि वर्ष 2024 के दौरान भारत में 84,262 ऑनलाइन गेमिंग खातों के उपयोगकर्ताओं से संबंधित विवरण लीक हुए थे. कैस्परस्की ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र ऑनलाइन गेमिंग का वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है, जहां दुनिया के आधे से अधिक गेमर मौजूद हैं. इसमें भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और दक्षिण-पूर्व एशिया की उभरती अर्थव्यवस्थाएं बड़ी भूमिका निभा रही हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, थाइलैंड में सबसे अधिक 1,62,892 मामलों के साथ गेमिंग खाते लीक हुए जबकि भारत इस सूची में चौथे स्थान पर रहा. डेटा लीक के शिकार होने वाले अन्य देशों में फिलिपीन (99,273), वियतनाम (87,969), इंडोनेशिया (69,909), मलेशिया (37,718), दक्षिण कोरिया (37,097), चीन (18,786), श्रीलंका (10,877) और सिंगापुर (4,262) भी शामिल थे.

कंपनी ने बताया कि बीते वर्ष वैश्विक स्तर पर कुल 1.1 करोड़ गेमिंग खातों का ब्योरा लीक हुआ था. एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तेजी से डिजिटल स्वीकार्यता, मोबाइल पहुंच और युवाओं में बढ़ती मांग के चलते शौकिया और प्रतिस्पर्धी गेमिंग दोनों क्षेत्रों में तीव्र वृद्धि देखी जा रही है.

कैस्परस्की के प्रबंध निदेशक (एशिया-प्रशांत क्षेत्र) एड्रियन हिया ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि वर्ष 2004 में जहां हर घंटे एक नया वायरस खतरा सामने आता था वहीं अब यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन 4,67,000 हो गई है. कैस्परस्की ने वर्ष 2024 में 82.2 करोड़ डॉलर का वैश्विक राजस्व दर्ज किया, जो एक साल पहले की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है.

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