जयपुर. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ओर इशारा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने दुनिया को एक बहुत बड़ा संदेश दिया है कि अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. धनखड़ ने यहां ‘भैरों सिंह शेखावत मेमोरियल लाइब्रेरी’ का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ढांचे पर हमला करने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ओर इशारा किया.

उन्होंने कहा,”मैं आज सबसे पहले भारतीय सेना के पराक्रम को सलाम करूंगा. विश्व स्तर पर एक नया मानदंड रखा गया है. शांति का ध्यान रखते हुए आतंकवाद पर चोट करना- यही लक्ष्य रहा है. यह पहली बार हुआ है कि जैश-ए-मोहम्मद एवं लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के अंदर सटीक चोट की गई… जिसका प्रमाण विश्व में कोई नहीं मांग रहा है.” उन्होंने कहा,”पूरी दुनिया ने भारत की ताकत को देखा. भारत ने दुनिया को एक बहुत बड़ा संदेश दिया है. वह संदेश है कि अब से एक बड़ा बदलाव आया है… आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे. आतंकवाद किसी देश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है.”

धनखड़ ने कहा कि भारत ने सेना की लड़ाई ही नहीं लड़ी है बल्कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक बहुत बड़ी कूटनीतिक लड़ाई भी लड़ी है और जीती है. उन्होंने कहा,”… सिंधु जल संधि को … रोक दिया गया. देश-दुनिया को संदेश दिया गया कि इस पर तबतक कोई विचार नहीं होगा जब तक हालात भारत की दृष्टि से सामान्य नहीं होते. इतनी बड़ी पहल के बारे में न तो कभी सोचा गया था और न ही विचार किया गया.” उन्होंने राजस्थान के पोकरण में परमाणु परीक्षण पोकरण-2 का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत राजस्थान से ही हुई जब भारत ने पोकरण-दो किया, तब जाकर यह महारत हासिल हुई. पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में उन्होंने यह भी कहा,”प्रधानमंत्री को जब लगा कि भारत की अस्मिता को ललकारा गया है तो उन्होंने बिहार की भूमि से दुनिया को संदेश दिया और उस संदेश पर पूरी तरह खरे उतरे.”

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