
पेशावर. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने रविवार को राजनीतिक शिकायतों का हवाला देने के साथ व्यापक राजनीतिक परामर्श की मांग करते हुए पाकिस्तान-भारत तनाव को लेकर आयोजित बैठक में शामिल होने के सरकार के आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया.
पीटीआई प्रवक्ता शेख वकास अकरम ने एक बयान में बैठक का बहिष्कार करने के पार्टी के फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि पीटीआई हालांकि सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा करती है और राष्ट्रीय एकता के महत्व को पहचानती है, लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में वह इसमें भाग नहीं ले सकती.
अकरम ने कहा, ह्लपीटीआई के संस्थापक अध्यक्ष इमरान खान को गलत तरीके से जेल में डाला गया है. इसके बावजूद, उन्होंने जेल से अपने संदेशों में लगातार आतंकवाद की निंदा की है और राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया है. उनका रुख एक सच्चे राष्ट्रीय नेता की दूरर्दिशता को दर्शाता है.ह्व पीटीआई ने कहा कि वह देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जरूरत पड़ने पर वह ह्लअग्रिम मोर्चेह्व पर रहेगी.
हालांकि, पार्टी ने सरकार से आग्रह किया कि इस महत्वपूर्ण समय में सामूहिक निर्णय लेने के लिए तत्काल एक सर्वदलीय सम्मेलन (एपीसी) बुलाया जाए. अकरम ने कहा, ह्लयह राजनीतिक लाभ उठाने का समय नहीं है. सरकार को सभी राजनीतिक ताकतों को विश्वास में लेना चाहिए.ह्व राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार की ओर से यह बैठक भारत के साथ हाल ही में बढ़े तनाव के बाद मौजूदा सुरक्षा स्थिति के बारे में प्रमुख राजनीतिक दलों को जानकारी देने के लिए की गई थी. नाम न बताने की शर्त पर एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि पीटीआई का इनकार ऐसे समय में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दरार को दर्शाता है जब हर तरफ राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया जा रहा है.
