भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले 24 घंटों में वह कर दिखाया है जिसने करोड़ों फैंस का सिर शर्म से झुका दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी-20 मैच में भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। 158 रनों का मामूली सा लक्ष्य देने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों के सामने घुटने टेक दिए। हैरी ब्रूक (79) और फिल साल्ट (59) ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए महज 13.5 ओवरों में 9 विकेट से मैच जीतकर सीरीज पर 3-0 से कब्जा कर लिया। यह 2019 के बाद पहली बार है जब भारत लगातार दो द्विपक्षीय टी-20 सीरीज हारा है।
गौतम गंभीर की कोचिंग और श्रेयस अय्यर की कप्तानी का यह ‘ट्रांजिशन फेज’ भारतीय फैंस के लिए किसी डरावने सपने जैसा साबित हो रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और खिलाड़ियों को ‘आईपीएल के फ्लैट-ट्रैक बुली’ (सपाट पिचों के शेर) कहा जा रहा है। तिलक वर्मा क्रीज पर पूरी तरह क्लूलेस नजर आए। जब तक ये खिलाड़ी आईपीएल के करोड़ों रुपये के कॉन्ट्रैक्ट और अपनी ब्रांड वैल्यू से बाहर निकलकर इंटरनेशनल क्रिकेट की हकीकत को नहीं समझेंगे, तब तक विदेशी पिचों पर ऐसे ही थप्पड़ लगते रहेंगे। श्रेयस अय्यर का यह कहना कि ‘टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है’, सिर्फ अपनी नाकामी छुपाने का एक घटिया बहाना है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह का बचकाना खेल दिखाना है, तो इन तथाकथित सितारों को बेंच पर बैठाकर घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए भेज देना चाहिए।
