नयी दिल्ली. पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में सोमवार को 4.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र वहां के पंजाब प्रांत में भूगर्भीय ‘फॉल्टलाइन’ के पास था. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के निदेशक ओ पी मिश्रा ने यह जानकारी दी. एनसीएस के निदेशक ने कहा कि भूकंप पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पीर जोंगल के पास दोपहर 1:26 बजे (भारतीय समयानुसार) आया. सोमवार का भूकंप तीन दिनों के अंतराल में पाकिस्तान में आया तीसरा भूकंप था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि पड़ोसी देश में कुछ ”असामान्य गतिविधि” हो रही है.

मिश्रा ने कहा कि भूकंप का केंद्र ‘मेन सेंट्रल थ्रस्ट’ के करीब था, जो एक भूगर्भीय ‘फॉल्टलाइन’ है. यह जगह भूकंपीय गतिविधि के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है. पाकिस्तान में 10 मई को लगातार दो भूकंप आए. उनमें से एक 4.7 तीव्रता का था जबकि दूसरे की तीव्रता चार थी. पिछले तीन दिन में आए भूकंपों ने सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है, जिसमें भारत द्वारा पाकिस्तान में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले से लेकर इस्लामाबाद द्वारा परमाणु परीक्षण तक शामिल हैं.

सोशल मीडिया पर मिस्टर सिन्हा नामक उपयोगकर्ता ने हैरानी जताते हुए लिखा, ”पाकिस्तान में एक और भूकंप आया, जिसकी तीव्रता लगभग उतनी ही है जितनी पहले (पिछले कुछ दिनों में) थी. क्या वे परमाणु परीक्षण कर रहे हैं?” ‘एक्स’ पर एक उपयोगकर्ता ने कहा, ”यह प्राकृतिक भूकंप नहीं है, बल्कि संभवत? पाकिस्तानी परमाणु स्थलों में परमाणु परीक्षण की घटना है?” एनसीएस प्रमुख ने पाकिस्तान द्वारा किए गए संभावित परमाणु परीक्षणों के दावों को खारिज कर दिया.

मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”परमाणु विस्फोटों की अलग पहचान होती है. प्राकृतिक भूकंप के दो चरण होते हैं, जबकि परमाणु विस्फोट का एक अलग चरण होता है. ऐसा परमाणु विस्फोट के बाद सतह पर होने वाले प्रतिध्वनि के कारण होता है. सीस्मोग्राफ इसे स्पष्ट रूप से पहचान सकते हैं.” वरिष्ठ भूकंप विज्ञानी ए के शुक्ला ने कहा कि परमाणु विस्फोटों को सीस्मोग्राफ पर अलग-अलग तरीके से दर्ज किया जाता है. शुक्ला ने कहा, ”पिछले भूकंप अलग-अलग स्थानों से रिपोर्ट किए गए हैं और विभिन्न क्षेत्रों में परमाणु प्रतिष्ठान होना संभव नहीं है.” पाकिस्तान भारतीय और यूरेशियाई ‘टेक्टोनिक प्लेट’ के बीच सक्रिय सीमा पर स्थित है तथा बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे प्रांत में अक्सर भूकंप आते रहते हैं.

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