राष्ट्रवाणी (रायपुर ब्यूरो): प्रतिनिधि, रायपुर। त्योहारी सीजन के मद्देनजर राजधानी रायपुर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए 750 किलोग्राम अमानक और असुरक्षित पनीर को नष्ट कर दिया।
यह पनीर ‘मिल्की मलाई’ और ‘मलाई मैजिक’ ब्रांड के नाम से बाजार में खपाया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार कुछ समय पूर्व एक मालवाहक वाहन से पनीर की यह बड़ी खेप जब्त की गई थी। इसके बाद नियमानुसार दोनों ब्रांड के नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए थे।
हाल ही में आई जांच रिपोर्ट में पनीर के नमूने सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे और मानव उपभोग के लिए पूरी तरह असुरक्षित पाए गए। इसके तुरंत बाद अधिकारियों की टीम ने उरला स्थित फैक्ट्री पहुंचकर 750 किलो पनीर को नष्ट करने की प्रक्रिया पूरी की। इस मिलावटी पनीर को रायपुर के स्थानीय बाजारों के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी सप्लाई करने की तैयारी थी।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत अब संबंधित फर्म और ब्रांड संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विभाग की ओर से इस मामले का चालान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां दोषियों पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान है।
राजधानी में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भाठागांव क्षेत्र की एक डेयरी से 1,700 किलोग्राम नकली पनीर जब्त कर नष्ट किया गया था। वहीं, बीरगांव में एक प्लाईवुड फैक्ट्री की आड़ में चल रहे अवैध कारखाने से 650 किलोग्राम प्रतिबंधित एनालॉग पनीर पकड़ा गया था, जिसे ओडिशा भेजने की योजना थी।
इसके अलावा शहर के अन्य इलाकों से 560 किलो और 200 किलो से अधिक संदिग्ध पनीर नष्ट कराया जा चुका है।

