राष्ट्रवाणी: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम किसान योजना (प्रधानमंत्री Kisan Yojana) के लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सुविधा देने पर जोर दिया। कृषि मंत्री ने किसानों के कल्याण हेतु राज्यों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। पीएम किसान लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सुविधा देने पर जोर।

किसानों की आय बढ़ाने और कृषि रोडमैप बनाने पर विशेष ध्यान। एजेंसी, नई दिल्ली। पीएम किसान योजना (प्रधानमंत्री Kisan Yojana) की 24वीं किस्त के इंतजार के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि किसानों के कल्याण और उनकी आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को पूरा सहयोग देगी।

उन्होंने हर किसान तक ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (केसीसी) की सुविधा पहुंचाने के लिए प्रयास बढ़ाने की जरूरत भी बताई। चौहान ने दक्षिणी राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा कि शुरुआत में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी किसानों को केसीसी उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे उन्हें सस्ती ब्याज दरों पर ऋण मिल सके।

उन्होंने कहा, “भारत सरकार, राज्यों के साथ पूरी ताकत से सहयोग करेगी। जमीन राज्य के पास है। किसान राज्य में हैं।

देश सबसे पहले है। केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। क्षेत्रीय सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।” चौहान ने अलग-अलग राज्यों के लिए कृषि रोडमैप तैयार करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और अन्य कृषि संस्थान राज्यों की मदद के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “हम आपके साथ मिलकर यह रोडमैप तैयार करना चाहते हैं कि कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप खेती कैसी हो, ताकि किसानों की आय बढ़ सके।” दक्षिणी राज्यों में अल-नीनो जलवायु स्थिति के अधिक प्रभाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिलावार आपातकालीन योजनाएं तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा कि एक ही राज्य के अलग-अलग जिलों में अल-नीनो का प्रभाव अलग-अलग रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र कम पानी वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देगा और राज्यों को बीज उपलब्ध कराने में मदद करेगा। चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार का उद्देश्य देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ किसानों की आय बढ़ाना है। इसके लिए उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाना, खेती की लागत कम करना, किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना, फसल बीमा, फसल विविधीकरण और मिट्टी की सेहत पर काम करना जरूरी है।

उन्होंने राज्यों से किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने के लिए पहले से बीज की जरूरत तय करने तथा खराब गुणवत्ता वाले बीज और कीटनाशकों से किसानों को बचाने के उपाय करने को कहा। चौहान ने कहा कि बीज और कीटनाशकों से जुड़े नए कानून बनाने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने राज्यों से अपील की कि नया कानून बनने तक मौजूदा कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

उन्होंने कहा कि केंद्र अरहर, मसूर और उड़द की खरीद का भरोसा देता है, जबकि अन्य फसलों की खरीद प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के तहत की जाती है। चौहान ने नारियल को बढ़ावा देने के लिए नई योजना लागू किए जाने की भी जानकारी दी।

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