राष्ट्रवाणी: त्योहारों पर मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले चांदी के वर्क में मिलावट सेहत के लिए खतरनाक है, जिससे लिवर और किडनी को नुकसान हो सकता है। मिठाई की दुकान पर न खाएं धोखा! (Image Source: एआई-Generated) जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली।
त्योहारों के दिन करीब आते ही बाजारों में अलग ही रौनक छा जाती है। काजू कतली से लेकर बर्फी तक, मिठाइयों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए उन पर ‘चांदी का वर्क’ लगाया जाता है। चमचमाती मिठाइयां देखकर किसी के भी मुंह में पानी आ सकता है।
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यह चमक आपकी सेहत के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है? जी हां, असली चांदी के वर्क की जगह अब बाजारों में मिलावटी और नकली वर्क का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। मुनाफा कमाने के चक्कर में कई जगह चांदी की जगह एल्युमीनियम या अन्य सस्ते और हानिकारक धातुओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बता दें, इस तरह के मिलावटी वर्क का सेवन करने से हमारे शरीर के अहम अंगों, खासकर लिवर और किडनी पर बहुत बुरा असर पड़ता है। लंबे समय तक एल्युमीनियम या मिलावटी धातु शरीर में जाने से पेट की बीमारियां, दिमाग और नसों से जुड़ी दिक्कतें और शरीर में टॉक्सिन्स का जमाव होने लगता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
अब सवाल यह उठता है कि त्योहारों की इस भीड़भाड़ में हम असली और नकली चांदी के वर्क की पहचान कैसे करें? अपने परिवार को इस मीठे जहर से बचाने के लिए आप कुछ सावधानियां बरत सकते हैं: त्योहार खुशियां बांटने का समय है, बीमारियों को दावत देने का नहीं। इसलिए, कोशिश करें कि हमेशा अपनी पुरानी और भरोसेमंद दुकानों से ही मिठाइयां खरीदें।
अगर आपको वर्क की शुद्धता पर जरा-सा भी शक है, तो सबसे अच्छा तरीका यही है कि बिना वर्क वाली सादी मिठाइयां ही खरीदें।
