राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुर: बिलासपुर संभाग और मध्य छत्तीसगढ़ के औद्योगिक व परिवहन ढांचे को राष्ट्रीय स्तर की रफ्तार देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तैयारी कर रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 130 सिमगा-बिलासपुर तक और एनएच 49 दर्रीघाट को बिल्हा तक सिक्स लेन कर दिया जाएगा। इससे यह मार्ग टाटीबंद रायपुर तक सिक्स लेन हो जाएगा। वर्तमान में मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए वर्तमान फोरलेन सड़क को अब सिक्स लेन एक्सप्रेसवे में तब्दील करने की तैयारी है। एनएचएआइ ने पूरे मेगा प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया है। प्रस्तावित वृहद प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग 1500 से 2000 करोड़ रुपये तय की गई है। बिलासपुर-रायपुर और दर्रीघाट-टांटीबंद मार्ग छत्तीसगढ़ की मुख्य आर्थिक और परिवहन धमनी है, जहां से 24 घंटे हजारों की संख्या में भारी मालवाहक गाड़ियां, यात्री बसें और निजी वाहन गुजरते हैं। वर्तमान में सड़क फोरलेन होने के बावजूद कई प्रमुख चौराहों, बाइपास और औद्योगिक क्षेत्रों के पास अक्सर घंटों भारी जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे सड़क हादसों की आशंका भी लगातार रहती है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के मुख्य पहलू एनएचएआइ द्वारा पूरी सड़क को सिक्स लेन में अपग्रेड करने से माल ढुलाई, अंतरराज्यीय परिवहन और आम वाहन चालकों का सफर बेहद सुगम, सुरक्षित और समय की बचत वाला हो जाएगा। कारिडोर के सिक्स लेन बनने से केवल यात्रियों को ही सुविधा नहीं मिलेगी, बल्कि बिलासपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से होने वाले व्यापारिक परिवहन को भी अभूतपूर्व गति प्राप्त होगी। केंद्रीय मंत्रालय से हरी झंडी मिलते ही एनएचएआइ द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ कर दिया जाएगा। भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी उरगा-पथलगांव-बिलासपुर और रायपुर-कोरबा इकोनामिक कारिडोर का हिस्सा है। दर्रीघाट से सिक्सलेन होकर यह मार्ग टांटीबंद रायपुर पहुंचेगा और आगे सीधे रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनामिक कारिडोर(एनएच-130 सीडी) से कनेक्ट होगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि कोरबा-रायगढ़ का कोल व इंडस्ट्रियल ट्रैफिक दर्रीघाट से होकर बिना बिलासपुर या रायपुर शहर में घुसे सीधे विशाखापत्त्नम पोर्ट तक सुगमता से निकल जाएगा। सफर में होगी समय की बचत, हादसों में आएगी कमी सड़क को सिक्स लेन किए जाने से भारी मालवाहक गाड़ियों और तेज रफ्तार यात्री वाहनों के लिए अलग-अलग लेन उपलब्ध होगी। इससे चौराहों और भारी दबाव वाले औद्योगिक स्थानों पर लगने वाले जाम से स्थायी मुक्ति मिलेगी। साथ ही ओवरटेकिंग के दौरान होने वाले भीषण सड़क हादसों पर भी काफी हद तक प्रभावी लगाम लग सकेगी। प्रमुख चौराहों पर फ्लाई-ओवर और अंडरपास का प्रविधान डीपीआर में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख घनी आबादी वाले क्षेत्रों और चौराहों पर नए फ्लाईओवर तथा अंडरपास के निर्माण का भी प्रस्ताव शामिल किया गया है, ताकि लोकल और थ्रू-ट्रैफिक अलग-अलग चल सकें। सड़क पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दर्रीघाट से टांटीबंद और सिमगा-बिलासपुर मार्ग को सिक्सलेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को प्रेषित कर दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राजेश्वर सूर्यवंशी, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआइ (NHAI)
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