रायपुर 

छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, “अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम कहना होगा.” उन्होंने आगे कहा कि जो लोग सनातन धर्म के खिलाफ हैं, वे भारत में नहीं टिक पाएंगे. आस्तिक बनकर रहो, नहीं तो बच नहीं पाओगे. वे श्री राम के विरोध को लेकर भी इमोशनल दिखे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वर्गीय पिता नंदकुमार बघेल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी श्रीराम की निंदा ने उन्हें दुखी किया था. वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पत्नी कौशल्या साय की भी तारीफ की.

छत्तीसगढ़ में रामभद्राचार्य का तीखा बयान
दरअसल, पेंड्रा में आयोजित श्रीमद्भागवत महाकथा में वक्ता जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. सनातन से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल का जिक्र करते हुए जगद्गुरु ने कहा कि वे अब जीवित नहीं हैं, लेकिन जब उन्होंने श्री राम की आलोचना की थी, तो उन्हें बहुत दुख हुआ था. उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु दे साय की पत्नी कौशल्या साय की तारीफ करते हुए कहा कि आदिवासी इलाके में पैदा होने के बावजूद उनके संस्कार बहुत अच्छे हैं.

‘गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे’
श्रीमद्भागवत कथा में जब भगवान कृष्ण के वंश और द्वारिका के अंत का प्रसंग आया तो स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कथा के दौरान एक बड़ी बात कही जिसमें उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो आस्तिक बने रहो वरना मर जाओ, सनातन धर्म से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिवंगत पिता नंदकुमार बघेल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब बड़े लोगों से जुड़े लोग सनातन धर्म की आलोचना करते हैं तो बहुत पीड़ा होती है. हालांकि वे अब नहीं रहे. उन्होंने राम जी की आलोचना की, उन्होंने अपने ही भतीजे की आलोचना की. क्या राम जी की आलोचना करके कोई यहां रह पाएगा. भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. यहां जय श्री राम न कहने वालों को जनता ऐसे भगाएगी कि गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे. 






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