राष्ट्रवाणी: सर्दी शुरू होते ही घर में रजाई और कंबल निकाल लिए जाते हैं. बाजार में इन दिनों कॉटन और फाइबर दोनों तरह की रजाइयां आसानी से मिलती हैं. पहली नजर में दोनों एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन इनके वजन, गर्माहट और देखभाल के तरीके में अंतर होता है. कॉटन की रजाई पारंपरिक पसंद है, जबकि फाइबर रजाई हल्की और संभालने में आसान मानी जाती है. इसलिए खरीदने से पहले अपनी जरूरत और मौसम को ध्यान में रखना जरूरी है. कॉटन यानी रूई से बनी रजाई लंबे समय से भारतीय घरों में इस्तेमाल होती रही है. इसमें प्राकृतिक रूई भरी होती है, जो शरीर की गर्मी को बनाए रखने में मदद करती है. अच्छी क्वालिटी की कॉटन रजाई ठंड के मौसम में अच्छी गर्माहट देती है.कॉटन की रजाई आमतौर पर फाइबर रजाई से भारी होती है. इसे उठाने, मोड़ने और रखने में थोड़ी ज्यादा जगह लगती है. समय के साथ रूई एक जगह इकट्ठी भी हो सकती है, इसलिए इसे बीच-बीच में धूप दिखाना और सही तरीके से रखना जरूरी होता है.कॉटन रजाई खरीदते समय उसकी सिलाई और रूई की क्वालिटी जरूर देखें. अगर रूई अच्छी तरह फैली हुई है और रजाई की सिलाई मजबूत है तो यह लंबे समय तक इस्तेमाल की जाती है. फाइबर रजाई में आमतौर पर सिंथेटिक फाइबर यानी कृत्रिम रेशों का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका हल्का वजन है. यह कॉटन की रजाई की तुलना में आसानी से उठाई और मोड़ी जा सकती है.फाइबर रजाई में अलग-अलग तरह की फिलिंग और जीएसएम यानी रजाई में इस्तेमाल होने वाले फाइबर की मात्रा मिलती है. ज्यादा जीएसएम वाली रजाई आमतौर पर ज्यादा भारी और गर्म होती है. इसलिए खरीदते समय केवल “फाइबर रजाई” देखकर फैसला न करें, बल्कि उसकी फिलिंग और जीएसएम की जानकारी भी देखें.इन रजाइयों को संभालना भी आसान होता है. कई फाइबर रजाइयां मशीन वॉश के लिए उपयुक्त होती हैं, लेकिन हर रजाई को मशीन में नहीं धोया जा सकता. इसलिए खरीदने से पहले केयर लेबल जरूर पढ़ें. अगर आपको पारंपरिक रजाई पसंद है, ज्यादा वजन से परेशानी नहीं है और आपके इलाके में ठंड ज्यादा पड़ती है तो अच्छी क्वालिटी की कॉटन रजाई एक विकल्प है. वहीं अगर आप हल्की रजाई चाहते हैं, जिसे आसानी से मोड़ा और रखा जा सके तो फाइबर रजाई सुविधाजनक रहती है. अगर घर में बच्चों या बुजुर्गों के लिए रजाई खरीद रहे हैं तो वजन और देखभाल दोनों पर ध्यान देना जरूरी है. एलर्जी या सांस से जुड़ी समस्या वाले लोगों के लिए भी रजाई का मटेरियल चुनते समय सावधानी रखें. रजाई खरीदते समय सिर्फ कीमत देखकर फैसला न करें. उसकी गर्माहट, वजन, फिलिंग की क्वालिटी, सिलाई, वॉश इंस्ट्रक्शंस और आपके इलाके के मौसम को जरूर ध्यान में रखें. सही रजाई वही है जो आपकी जरूरत, मौसम और इस्तेमाल के हिसाब से आरामदायक रहे. निर्जला गौड़ इस वक्त ABP Live की लाइफस्टाइल डेस्क पर इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में अपनी डिग्री कर रही हैं. इससे पहले वह EBNW Stories में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप कर चुकी हैं. डिजिटल जर्नलिज्म और कंटेंट क्रिएशन में उनकी खास रुचि है. आसान, आकर्षक और रिलेटेबल अंदाज में कहानियों को पेश करना और पाठकों तक जानकारी को प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी खासियत है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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