राष्ट्रवाणी: कुमार मंगलम बिड़ला की फ्लैगशिप कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज के नागदा प्लांट पर कस्टम्स ने इंपोर्ट-एक्सपोर्ट लेनदेन की जांच के लिए तलाशी ली। ग्रासिम इंडस्ट्रीज पर कस्टम्स की तलाशी बिड़ला समूह ने दिया बड़ा अपडेट ग्रासिम इंडस्ट्रीज के नागदा स्थित प्लांट पर कस्टम्स की तलाशी।
इंपोर्ट-एक्सपोर्ट लेनदेन की जांच के सिलसिले में हुई यह कार्रवाई। कंपनी ने पूर्ण सहयोग दिया, वित्तीय प्रदर्शन पर असर नहीं। जागरण बिजनेस, नई दिल्ली।
कुमार मंगलम बिड़ला की 2,23,345 करोड़ रुपये मार्केट कैप वाली फ्लैगशिप कंपनी ने बड़ा अपडेट दिया है। 81 साल पुरानी 1947 में बनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने बताया है कि इंदौर में कस्टम्स कमिश्नर के ऑफिस ने मध्य प्रदेश के उज्जैन ज़िले के नागदा में बिरलाग्राम स्थित उनकी सेल्युलोजिक स्टेपल फाइबर बनाने वाली यूनिट में तलाशी ली है।
कस्टम्स एक्ट, 1962 की धारा 105 के तहत यह तलाशी इंपोर्ट-एक्सपोर्ट लेन-देन की जांच के सिलसिले में ली गई थी। कस्टम्स अधिकारियों ने 11 सितंबर 2026 की शाम को तलाशी शुरू की और 12 सितंबर 2026 की सुबह तक अपनी कार्रवाई पूरी कर ली। इस दौरान, अधिकारियों ने कंपनी के रिकॉर्ड की जांच की और कंपनी की इंपोर्ट-एक्सपोर्ट गतिविधियों से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की।
अपनी जानकारी में, ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ ने बताया कि यूनिट ने अधिकारियों का पूरा सहयोग किया, मांगे गए दस्तावेज़ उपलब्ध कराए और संबंधित कर्मचारियों के साथ बातचीत में मदद की। आदित्या बिड़ला ग्रुप के बयान के अनुसार, जानकारी दाखिल करने की तारीख तक अधिकारियों की ओर से कोई ‘शो कॉज़ नोटिस’ या आदेश जारी नहीं किया गया है।
अहम बात यह है कि ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ ने कहा है कि इस कार्रवाई से उसके फाइनेंशियल परफॉर्मेंस या कामकाज पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, और कारोबारी गतिविधियां बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी। कंपनी ने अधिकारियों के साथ सहयोग जारी रखने और जानकारी देने से जुड़ी किसी भी कानूनी ज़िम्मेदारी को पूरा करने का वादा किया है।
यह जानकारी SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 और SEBI मास्टर सर्कुलर के तहत सौंपी गई रिपोर्ट में विस्तार से दी गई है। 12 सितंबर 2026 को जारी ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ की सूचना को आम लोगों और रिकॉर्ड के लिए कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप की प्रमुख कंपनी, ग्रासिम इंडस्ट्रीज़, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्टेकहोल्डर्स के साथ पारदर्शिता बनाए रखने पर ध्यान दे रही है, जो उसके कंप्लायंस और कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स के अनुरूप है।

