इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इस्हाक डार की शनिवार से शुरू हुई अफगानिस्तान यात्रा के बीच अफगान शरणार्थियों पर शिकंजा और कड़ा करने की घोषणा की है। डार अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी के निमंत्रण पर काबुल गए हैं, जहां वह मुत्तकी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, डार कार्यवाहक प्रधानमंत्री मुल्ला हसन अखुंद और आर्थिक मामलों के कार्यवाहक उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर से भी मुलाकात करेंगे। डार के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी गया है और वार्ता के दौरान पाक-अफगान संबंधों के सभी आयामों पर चर्चा की जाएगी तथा सुरक्षा, व्यापार, संपर्क व लोगों के बीच संबंधों समेत आपसी हितों के सभी क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अवैध अफगान शरणार्थियों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। पाकिस्तान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अफगानों के लिए देश में रहने का एकमात्र रास्ता वीजा के साथ कानूनी रूप से प्रवेश करना है।

‘डॉन न्यूज’ की खबर के अनुसार, गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने शुक्रवार को किसी तीसरे देश में अफगानों के स्थानांतरण के लिए 30 अप्रैल की कट-आॅफ अवधि को बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा कि एकल-दस्तावेज प्रणाली के तहत, अफगानों के पास वैध वीजा के साथ पासपोर्ट होना चाहिए।

नवंबर 2023 में, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को ध्यान में रखते हुए बिना दस्तावेज वाले विदेशियों को निकालने का अभियान शुरू किया था। अब तक, 907,000 से ज्यादा लोगों को वापस भेजा जा चुका है। अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद पश्चिमी देशों में स्थानांतरण के लिए स्वीकृत लगभग 44,000 अफगान जुलाई 2024 तक पाकिस्तान में थे और स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे थे। इनमें 25,000 लोगों को अमेरिका, 9,000 को आॅस्ट्रेलिया, 6,000 को कनाडा, 3,000 को जर्मनी तथा 1,000 से अधिक को ब्रिटेन भेजा जाना है।

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