नयी दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में तीन दिवसीय अरुणाचल प्रदेश जीआई (भौगोलिक संकेतक) महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें वस्त्र, हस्तशिल्प, व्यंजन और कृषि उत्पादों के क्षेत्र में राज्य की समृद्ध विरासत को प्रर्दिशत किया जा रहा है।

यह महोत्सव 28 फरवरी को ‘सेलेक्ट सिटी वॉक मॉल’ में शुरू हुआ। यह दिल्ली में अरुणाचल प्रदेश की जीवंत संस्कृति और गर्मजोशी भरे आतिथ्य का अनुभव करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि यह महोत्सव राज्य के बेहतरीन जीआई उत्पादों को राष्ट्रीय मंच पर प्रर्दिशत करने का एक मंच है।

अब तक अरुणाचल प्रदेश के 20 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुके हैं और राज्य का लक्ष्य 2030 तक 50 जीआई-टैग हासिल करना है। उन्होंने कहा, ‘‘यह महोत्सव हमारी भूमि की पहचान तथा हमारे कारीगरों एवं किसानों की कड़ी मेहनत का सम्मान करता है। आइए, हम सब मिलकर अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को बढ़ावा दें, उनका समर्थन करें और उन पर गर्व करें।’’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार शाम महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि इसमें अरुणाचल प्रदेश के 20 बहुमूल्य उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है और इसके शिल्पकारों, उद्यमियों और किसानों को एक राष्ट्रीय मंच भी प्रदान किया जा रहा है।

केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि यह महोत्सव अरुणाचल प्रदेश की अविश्वसनीय विरासत का वास्तव में जश्न मनाता है।

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