अमेरिका: राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप अपने विवादस्‍पद और बड़े फैसलों को लेकर आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं। सत्‍ता में दोबारा आने के बाद से एक के बाद एक चौंकाने वाले फैसले ले रहे हैं।

वहीं अब राष्‍ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी शिक्षा विभाग को खत्‍म करने का फैसला सुना दिया है जिससे हडकंप मच गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी शिक्षा विभाग को भंग करने के आदेश पर हस्ताक्षर करने निर्णायक कदम उठाया। यह कदम ट्रम्प द्वारा विभाग की लगातार आलोचना के बाद उठाया गया है। फरवरी माह में ही ट्रंप ने कहा था कि “शिक्षा विभाग एक बड़ा धोखा” है।

वहीं 20 मार्च, 2025 को वाशिंगटन, डीसी में व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में आयोजित एक खास कार्यक्रम में, ट्रम्प ने एक दस्तावेज़ पर अपना हस्ताक्षर करते हुए, अमेरिका के शिक्षा विभाग को समाप्‍त करने के अपने इरादे को स्पष्ट कर दिया है।

ट्रंप ने पहले कार्यकाल में भी किया था ये प्रयास

बता दें शिक्षा विभाग को बंद करने के लिए ट्रम्प का प्रयास नया नहीं है; उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान ऐसा करने की इच्छा व्यक्त की थी। हालाँकि, उनकी योजनाएं सफल नहीं हुईं क्योंकि कांग्रेस ने इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की। विधायी बाधा के बावजूद, ट्रम्प ने बार-बार अपने विश्वास को जाहिर किया है कि शिक्षा विभाग को बंद कर दिया जाना चाहिए और ये बात फरवरी में भी दोहराई थी।

ट्रप ने कहा था “शिक्षा विभाग एक बड़ा धोखा”

ट्रम्प ने फरवरी माह में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि “शिक्षा विभाग एक बड़ा धोखा” है। ट्रम्प ने शिक्षा सचिव के लिए अपने नामित लिंडा मैकमोहन को विभाग के बंद होने की देखरेख करने की योजना बनाई थी।

शिक्षा विभाग को खत्म करने के उद्देश्य से ट्रम्प का कार्यकारी आदेश अमेरिकी सरकार के भीतर महत्वपूर्ण बदलावों को लागू करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। वह संघीय कार्यबल को कम करने, लागत में कटौती करने और सरकारी कर्मचारियों को या तो अपने कार्यालय की नौकरियों में लौटने या इस्तीफा देने के लिए प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

शिक्षा विभाग के अलावा, ट्रम्प ने सरकारी संचालन को सुव्यवस्थित करने के अपने प्रयास के तहत यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) सहित अन्य एजेंसियों को भी बंद करने का लक्ष्य बनाया है।

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