राष्ट्रवाणी: बच्चों में परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए चीन में ‘एडिबल होमवर्क’ का चलन बढ़ रहा है। बच्चे पढ़ने के बजाय चबा रहे हैं अपना ‘होमवर्क’ (एआई Generated Image) जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको डोरेमोन कार्टून का वो सीन याद है, जिसमें नोबिता अपनी नोटबुक खा जाता है, ताकि एग्जाम के समय उसे सब याद रहे?
अब अगर हम कहें कि ऐसा ही कुछ चीन में सचमुच हो रहा है, तो क्या आप यकीन करेंगे? दरअसल, चीन में बच्चे किताबों और परीक्षा के पेपर को चबाकर खा रहे हैं। जी हां, पहली नजर में देखने में लगता है कि वो किताब से पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन असल में वो अपने स्टडी मटीरियल को खा रहे होते हैं।
इसे एडिबल होमवर्क का नाम दिया गया है। आइए जानें बच्चे ऐसा क्यों कर रहे हैं और इन बच्चों के माता-पिता इन्हें कुछ बोल क्यों नहीं रहे। असल में ये एक स्नैक है, जो चावल से बनी बेहद पतली कागज जैसी शीट से तैयार किया जाता है।
इन शीट्स को बिल्कुल असली किताबों, वर्कबुक्स, एग्जाम पेपर्स, डिक्शनरी और यहां तक कि मेरिट सर्टिफिकेट्स की तरह छापा जा रहा है। इन्हें बेचने वाले दुकानदारों का दावा है कि ये बच्चों की मेंटल स्ट्रेस को कम करने वाला एक स्नैक है। कुछ विक्रेता ये भी दावा करते हैं कि इसे खाने से बच्चे पढ़ाई में और अच्छा परफॉर्म कर सकते हैं।
इसलिए ये एडिबल होमवर्क बच्चों के बीच काफी मशहूर हो रहा है और माता-पिता भी बच्चों को किताब खाने पर डांट नहीं रहे। एक तरफ जहां ये स्नैक चीन में तेजी से मशहूर हो रहा है और लोग इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं इस स्नैक को खाने से जुड़ी सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है। चीन के सरकारी प्रसारक चाइना नेशनल रेडियो ने एडिबल होमवर्क में इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों पर सवाल खड़े किए हैं।
सरकारी जांच और निगरानी के दौरान कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स सामने आए हैं, जिनमें फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड के हिसाब से सही रंगों का इस्तेमाल नहीं किया गया था। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स का कहना है कि फूड-ग्रेड रंग शरीर के लिए सुरक्षित हो सकते हैं, लेकिन केमिकल रंग सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। रंगों की गुणवत्ता और सेहत से जुड़े इन खतरों को देखते हुए बीजिंग समेत कई इलाकों में ऐसे प्रोडक्ट्स की बिक्री को लेकर सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।

