राष्ट्रवाणी (रायपुर ब्यूरो): प्रतिनिधि, बिलासपुर: एक्टिवा चलाते समय दुर्घटना में वाहन मालिक की मौत होने पर उसकी पत्नी और बेटे को 15 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश को हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है। बीमा कंपनी ने दावा प्रकरण की सुनवाई और अपनी जिम्मेदारी को चुनौती दी थी। जस्टिस संतोष शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब बीमा पॉलिसी में वाहन मालिक और चालक के व्यक्तिगत दुर्घटना जोखिम का स्पष्ट प्रावधान है, तो उसके तहत मुआवजे का दावा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में किया जा सकता है।
अदालत ने बीमा कंपनी की अपील खारिज कर दी। मामला रायपुर निवासी शंकर रमानी की मौत से जुड़ा है। 31 अगस्त 2019 को काम खत्म करने के बाद वह अपनी एक्टिवा से घर लौट रहे थे।
चूना भट्ठी स्थित शराब दुकान के पास वह वाहन से गिर गए और गंभीर चोटें आने के कारण उनकी मौत हो गई। उस समय उनकी उम्र करीब 44 वर्ष थी और वह कपड़ों के खुदरा कारोबार से जुड़े थे। शंकर की पत्नी कोमल रमानी और बेटे राहुल ने रायपुर के चतुर्थ अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 15 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी।
अधिकरण ने 18 अगस्त 2022 को दावा स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। इस राशि पर दावा आवेदन पेश करने की तारीख से भुगतान तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी निर्धारित किया गया।

