राष्ट्रवाणी: How To Remove Dust Buildup On Stairs: घर की सफाई करते समय हम फर्श, सोफा, टेबल और किचन जैसी जगहों पर तो ध्यान दे देते हैं, लेकिन सीढ़ियों के कोने अक्सर छूट जाते हैं. सीढ़ियों के किनारों, स्टेप्स के कोनों और रेलिंग के आसपास धीरे-धीरे धूल जमा होती रहती है. कुछ समय बाद यही धूल गंदगी की मोटी परत जैसी दिखने लगती है. अगर घर में बच्चों या बुजुर्गों का आना-जाना ज्यादा है, तो सीढ़ियों की सफाई पर ध्यान देना और भी जरूरी हो जाता है. सीढ़ियों पर जमा धूल सिर्फ घर का लुक खराब नहीं करती, बल्कि गंदगी और छोटे कण फर्श को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. इसलिए सीढ़ियों की सफाई करते समय केवल बीच का हिस्सा साफ करना काफी नहीं है. कोनों और किनारों तक पहुंचकर सफाई करना जरूरी है. सबसे पहले सीढ़ियों के कोनों की धूल निकालें सीढ़ियों की सफाई हमेशा ऊपर से नीचे की तरफ करना आसान रहता है. सबसे पहले ऊपर वाली सीढ़ी के कोनों से धूल निकालना शुरू करें और धीरे-धीरे नीचे की तरफ आएं. इससे ऊपर से नीचे गिरने वाली धूल को बाद में एक साथ साफ किया जा सकता है. अगर सीढ़ियों के कोने बहुत संकरे हैं, तो सामान्य झाड़ू की जगह छोटी हैंडहेल्ड झाड़ू या पतले ब्रश का इस्तेमाल करें. इससे कोने में फंसी धूल और छोटे कचरे के टुकड़े आसानी से बाहर आ सकते हैं. वैक्यूम क्लीनर का क्रेविस टूल आएगा काम अगर आपके पास वैक्यूम क्लीनर है, तो सीढ़ियों के कोनों की सफाई के लिए उसका पतला क्रेविस टूल काफी उपयोगी हो सकता है. यह पतला अटैचमेंट उन जगहों तक पहुंच जाता है जहां सामान्य वैक्यूम या झाड़ू आसानी से नहीं पहुंच पाती. पहले हर सीढ़ी के कोने पर इसे धीरे-धीरे चलाएं. इसके बाद स्टेप के किनारों और दीवार से जुड़े हिस्से की भी सफाई करें. इससे धूल को इधर-उधर फैलाने के बजाय सीधे वैक्यूम में खींचने में मदद मिलेगी. छोटी झाड़ू या सॉफ्ट ब्रश से हटाएं जमी धूल अगर वैक्यूम क्लीनर नहीं है, तो छोटी झाड़ू या सॉफ्ट-ब्रिसल वाले ब्रश की मदद से भी सीढ़ियों के कोने साफ किए जा सकते हैं. ब्रश को कोने में हल्के हाथ से चलाएं और धूल को बाहर की तरफ निकालें. बहुत तेज हाथ से ब्रश चलाने से धूल हवा में फैल सकती है. इसलिए धीरे-धीरे सफाई करें. खासकर सीढ़ियों के किनारे और स्टेप के पीछे वाले कोनों को जरूर चेक करें. सीढ़ियों की सफाई करते समय सिर्फ स्टेप्स पर ध्यान न दें. रेलिंग के नीचे, उसके जोड़ और दीवार से जुड़े हिस्सों में भी धूल जमा हो सकती है. इन जगहों को माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करें. अगर किसी हिस्से पर धूल के साथ गंदगी चिपकी हुई है, तो कपड़े को हल्का गीला करके पोंछ सकते हैं. सफाई के बाद सतह को सूखे कपड़े से पोंछ दें. जब सीढ़ियों के कोनों और किनारों से सारी सूखी धूल निकल जाए, तभी पोछा लगाएं. अगर आप पहले गीला पोछा लगा देंगे और कोनों में सूखी धूल जमा है, तो वह पानी के साथ चिपककर गंदगी की परत बना सकती है. हार्ड फ्लोर वाली सीढ़ियों के लिए हल्के क्लीनर और पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन सीढ़ियों की सतह के हिसाब से क्लीनर चुनें. बहुत ज्यादा पानी डालने से बचें, खासकर ऐसी सीढ़ियों पर जहां फिसलने का खतरा हो. सीढ़ियों की सफाई में सुरक्षा का रखें ध्यान सीढ़ियां साफ करते समय सबसे जरूरी चीज सुरक्षा है. अगर आप गीला पोछा लगा रहे हैं, तो सीढ़ियों को जरूरत से ज्यादा गीला न करें. सफाई के दौरान परिवार के लोगों को उस हिस्से से दूर रखें ताकि कोई फिसले नहीं. सफाई पूरी होने के बाद सीढ़ियों को सूखने दें. अगर सीढ़ियों पर पानी या क्लीनर बचा रह गया है, तो उसे सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ कर दें. नियमित सफाई से धूल और गंदगी की मोटी परत बनने से भी बचा जा सकता है. कितनी बार साफ करें सीढ़ियों के कोने?
अगर घर में सीढ़ियों का इस्तेमाल रोजाना ज्यादा होता है, तो हर कुछ दिनों में कोनों की धूल जरूर निकालें. रोजाना हल्की सफाई करने से धूल जमा होकर चिपकने नहीं पाएगी. हफ्ते में एक बार सीढ़ियों की थोड़ी गहरी सफाई कर सकते हैं. अगर घर में पालतू जानवर हैं या सीढ़ियों के आसपास धूल ज्यादा आती है, तो जरूरत के हिसाब से सफाई की फ्रीक्वेंसी बढ़ा दें. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
