दुबई. भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ पर सितंबर में एशिया कप के दौरान खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए मंगलवार को जुर्माना लगाया गया. टूर्नामेंट के दौरान चार डिमेरिट अंक लगाये जाने से रऊफ को दो एकदिवसीय मैच के लिए निलंबित भी किया गया.

रऊफ को भारत के खिलाफ दो अलग अलग घटनाओं के लिये 30 . 30 प्रतिशत जुर्माने की अलग अलग सजा सुनाई गई . इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मंगलवार से शुरू हुई वनडे श्रृंखला में दो मैचों के लिये वह प्रतिबंधित रहेंगे . वह छह नवंबर को होने वाले दूसरे मैच में भी नहीं खेलेंगे.

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार पर मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है . उन्हें खेल की साख को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया . उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति एकजुटता और भारतीय सशस्त्र बलों को समर्थन जताया था .
रऊफ को इन दो घटनाओं के लिए चार डिमेरिट अंक मिले जिन्हें आईसीसी के नियमों के अनुसार दो निलंबन अंक में बदल दिया गया.
जसप्रीत बुमराह पर भी एक डिमेरिट अंक लगाया गया क्योंकि फाइनल में रऊफ को बोल्ड करने के बाद उन्हें ‘विमान गिरने’ का इशारा किया था.

सूर्यकुमार पर उनकी टिप्पणियों के लिए 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा इसकी खबर सबसे पहले 26 सितंबर को पीटीआई ने दी थी. रऊफ को 14 सितंबर के मैच में विमान गिरने को दर्शाने वाले आपत्तिजनक इशारे करने का दोषी पाया गया था. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सैन्य कार्रवाई का मजाक उड़ाया था और पाकिस्तान के इस दावे का हवाला दिया था कि इस झड़प के दौरान छह भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया था.

उन्होंने 28 सितंबर को सीमा रेखा के पास क्षेत्ररक्षण करते हुए भारतीय प्रशंसकों के एक समूह को उकसाने की कोशिश में यही इशारा दोहराया था. पाकिस्तानी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को भी एक डिमेरिट अंक दिया गया लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को बिना किसी जुर्माने या डिमेरिट अंक के छोड़ दिया गया.

फरहान ने भारत के खिलाफ अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद बल्ले से बंदूक चलाने का इशारा करते हुए जश्न मनाया था.
आईसीसी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 14 सितंबर 2025 को, ”सूर्यकुमार यादव (भारत) को आईसीसी आचार संहिता के नियम 2.21 के उल्लंघन का दोषी पाया गया जो खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आचरण से संबंधित है. उन पर मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और दो डिमेरिट अंक दिए गए.”

इसके अनुसार, ”साहिबजादा फरहान (पाकिस्तान) को भी इसी अपराध का दोषी पाया गया और उन्हें आधिकारिक चेतावनी जारी की गई जिसके परिणामस्वरूप उन्हें एक डिमेरिट अंक दिया गया.” विज्ञप्ति में कहा गया, ”हारिस रऊफ (पाकिस्तान) को भी इसी अपराध का दोषी पाया गया और उन पर मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया जिसके परिणामस्वरूप उन्हें दो डिमेरिट अंक दिए गए.” वहीं अर्शदीप का मामला एक सोशल मीडिया क्लिप का था जिसमें वे पाकिस्तानी प्रशंसकों का मजाक उड़ाते नजर आ रहे थे लेकिन आईसीसी मैच रैफरी को यह आपत्तिजनक नहीं लगा. यह संदर्भ 21 सितंबर को भारत बनाम पाकिस्तान सुपर चार मैच का था.

आईसीसी ने 28 सितंबर के फाइनल में की गई हरकतों के लिए लगाए गए प्रतिबंधों पर कहा, ”जसप्रीत बुमराह (भारत) ने खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आचरण के लिए नियम 2.21 के तहत लगाए गए आरोप और प्रस्तावित आधिकारिक चेतावनी को स्वीकार कर लिया जिसके परिणामस्वरूप उन्हें एक डिमेरिट अंक मिला. उन्होंने प्रतिबंध स्वीकार कर लिया था इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी.” पहले की सुनवाई के दौरान खुद को निर्दोष कहने वाले रऊफ को फिर से भारतीय दर्शकों की ओर आपत्तिजनक इशारे करते हुए पाया गया.

आईसीसी ने कहा, ”आईसीसी मैच रेफरी रिची रिचर्डसन द्वारा आयोजित सुनवाई के बाद हारिस रऊफ (पाकिस्तान) को फिर से नियम 2.21 के उल्लंघन का दोषी पाया गया. उन पर मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और दो अतिरिक्त डिमेरिट अंक दिए गए.” विज्ञप्ति के अनुसार, ”इससे 24 महीने की अवधि में रऊफ के कुल चार डिमेरिट अंक हो गए हैं जिसके परिणामस्वरूप आईसीसी के अनुशासनात्मक ढांचे के तहत दो निलंबन अंक हो गए हैं.”

इसमें आगे कहा गया है, ”आचार संहिता के अनुसार रऊफ को चार और छह नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पाकिस्तान के एकदिवसीय मैचों के लिए निलंबित किया जाता है.” भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया. फाइनल के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया जब खिताब जीतने वाली भारतीय टीम ने एशियाई क्रिकेट परिषद के पाकिस्तानी प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. नाराज नकवी ट्रॉफी लेकर चले गए जो अब तक भारतीयों को नहीं दी गई है.



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