राष्ट्रवाणी: फिल्म ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ को मिल रही आलोचनाओं के बीच मेकर्स ने ‘बाय 1 गेट 1 फ्री’ टिकट ऑफर शुरू किया है। एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा – श्री राम की’ (Mahakavya Shri Ramayan Katha) कहानी 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।
इसी के बाद से मेकर्स लगातार इसकी आलोचना झेल रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसके कई मीम्स भी वायरल हो रहे हैं। अब मूवी को लेकर फैली इतनी नेगेटिविटी को दूर करने के लिए मेकर्स ने नया तरीका खोज लिया है।
उन्होंने इसको लेकर एक BOGO कैंपेन चलाया है बाय 1 गेट 1 फ्री। मतलब अगर आप एक टिकट खरीदते हैं तो दूसरी टिकट आपके लिए फ्री होगी। मेकर्स का मानना है कि इससे दर्शक खुद फिल्म के बारे में अपनी राय बना सकते हैं।
मेकर्स का कहना है कि उनका मकसद आलोचना को दबाना या यह जोर देना नहीं है कि हर दर्शक को फिल्म पसंद ही आए, बल्कि वे दर्शकों की सच्ची राय और ऑनलाइन बार-बार बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही गुमराह करने वाली बातों के बीच फर्क बताना चाहते हैं। उनका मकसद यही है कि दर्शक फिल्म देखें। किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को साथ ले जाएं।
और खुद फैसला करें। इस नए ऑफर के तहत, दर्शक फिल्म के लिए ‘बाय 1 गेट 1 फ्री’ टिकट का फायदा उठा सकेंगे। मेकर्स इस पहल को उन परिवारों और दर्शकों के लिए एक निमंत्रण के तौर पर पेश कर रहे हैं जिन्होंने फिल्म के बारे में ऑनलाइन चर्चा तो सुनी है, लेकिन अभी तक फिल्म नहीं देखी है।
मेकर्स ने फिल्म के बारे में वायरल हो रही तमाशे वाली बातों पर सवाल उठाए हैं। फिल्म की कास्ट को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े किए गए। इसमें हनुमान का रोल निभा रहे एक्टर, राम का रोल निभा रहे एक्टर और सीता के रोल में नजर आ रही अंजलि अरोड़ा की भी निशाना साधते हुए तीखा हमला बोला गई।
माता सीता का किरदार निभाने वाली अंजलि अरोड़ा को फिल्म की घोषणा के समय से ही अपनी कास्टिंग को लेकर लोगों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। उनका कहना है कि सिनेमाघरों में फिल्म रिलीज होने से दर्शकों को अपनी पहले से बनी राय को असल परफॉर्मेंस से अलग करके देखने का मौका मिलता है। अंजलि ने कहा- ‘जिस दिन मेरी कास्टिंग की घोषणा हुई, तभी से कुछ लोगों ने बिना एक भी सीन देखे यह तय कर लिया था कि सीता कैसी होगी।
मैंने हमेशा एक ही बात कही है क सीता को अंजलि के बारे में अपनी राय से न आंकें। स्क्रीन पर किरदार को देखें। अगर आप पूरी फिल्म देखते हैं और फिर भी आपको लगता है कि मैंने किरदार के साथ न्याय नहीं किया, तो मैं उस राय का सम्मान करूंगी।
लेकिन पहले फिल्म तो देखें।’ मेकर्स का कहना है कि जिस किसी को फिल्म से कोई आपत्ति है तो वे असली थिएटर स्क्रीनशॉट, वीडियो या सीन के ऐसे संदर्भ के साथ उसे चुनौती दे सकते हैं जिसकी पुष्टि की जा सके।

