तेल अवीव. गाजा में इजराइल समर्थित अमेरिकी सहायता संगठन ने बुधवार को कहा कि राहत सहायता वितरण केंद्र के निकट 20 फलस्तीनियों की मौत हुई है. इससे पहले, अस्पताल के अधिकारियों ने बताया था कि इजराइली हमलों में 11 बच्चों समेत 41 लोगों की मौत हुई है.
गाजा ‘ूमैनिटेरियन फंड (जीएचएफ) ने कहा कि दक्षिण गाजा के खान यूनिस शहर में स्थित वितरण केंद्र पर 19 लोगों की मौत भगदड़ में कुचलने से हुई. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय व प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि जीएचएफ कार्यकर्ताओं ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे, जिससे भगदड़ मच गई. मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार है जब राहत सहायता स्थलों पर भगदड़ मचने से लोगों की मौत हुई है.
साथ ही, जीएचएफ ने पहली बार अपने किसी राहत सहायता वितरण स्थल पर मौतें होने की पुष्टि की है. हालांकि, फलस्तीनी प्रत्यक्षर्दिशयों, स्वास्थ्य अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि खाद्य सामग्री लेने के लिए इन केंद्रों की ओर जाते समय सैकड़ों लोग मारे गए हैं. प्रत्यक्षर्दिशयों का कहना है कि ‘स्टन ग्रेनेड’ और मिर्च स्प्रे के कारण अफरा-तफरी मच गई.
कुछ प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि भीड़ में यह संदेश फैलने के बाद भगदड़ मच गई कि कोई राहत सहायता वितरित नहीं की जाएगी.
निकटवर्ती शहर रफह के निवासी उमर अल-नजर ने कहा कि लोगों को संभवत: आंसू गैस के कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही थी.
बुधवार सुबह जीएचएफ स्थल पर मौजूद रहे अब्दुल्ला अलेयात ने कहा, ह्लउन्होंने हमारे खिलाफ स्टन ग्रेनेड और मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया.ह्व जीएचएफ ने हमास पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि इसकी वजह से हिंसा हुई. हालांकि, संगठन ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय और गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि मई से अब तक सहायता प्राप्त करने की प्रतीक्षा करते समय, जीएचएफ वितरण केन्द्रों या दूसरी जगहों पर लगभग 850 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं. इजराइली हमलों में उत्तरी गाजा में 11 बच्चों समेत 22 लोग मारे गए जबकि खान यूनिस शहर में 19 लोगों की मौत हुई है. इजराइली सेना ने कहा कि उसने पिछले 24 घंटे में गाजा में 120 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें हमास की सुरंग और हथियार भंडारण केंद्र भी शामिल हैं.
