अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तेलंगाना के लोगों को आश्वासन दिया कि गोदावरी नदी के पानी को पोलावरम से बानाकाचेरला की ओर मोड़ने की उनकी सरकार की योजना के बारे में उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल उस अतिरिक्त पानी का उपयोग करना है, जिसका इस्तेमाल नहीं किया गया तो वो समुद्र में बह जाएगा। विधान परिषद के दो स्रातक निर्वाचन क्षेत्र में हुए चुनावों में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) की जीत का जश्न मनाने के लिए मंगलवार को आयोजित पार्टी बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एक राजनीतिक पार्टी समुद्र में बह रहे पानी को बचाने की आंध्र प्रदेश की रणनीति का ‘राजनीतिकरण’ कर रही है।

नायडू ने कहा, ‘‘मैं फिर से अपील कर रहा हूं कि जब समुद्र में बहने वाले पानी को अकालग्रस्त क्षेत्र में ले जाया जाता है तो किसी को बुरा नहीं लगना चाहिए। सभी को इसके बारे में सोचना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि आंध्र प्रदेश को समुद्र में जाने वाले पानी का मार्ग बदलने का क्या अधिकार है। नायडू ने आश्चर्य व्यक्त किया कि तेलुगु समाज किस ओर जा रहा है।

पोलावरम-बनकाचेरला ंिलक परियोजना का लक्ष्य पोलावरम में गोदावरी नदी से 200 टीएमसी बाढ़ के पानी को एक नहर के माध्यम से नंदयाल जिले के बनकाचेरला तक पहुंचाना है। इस परियोजना की लागत 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक की है, जिससे 80 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा और तीन लाख हेक्टेयर भूमि की ंिसचाई होगी।

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