राष्ट्रवाणी: अक्टूबर में भारत का सकल जीएसटी संग्रह 2.31 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22.9% अधिक …और पढ़ें अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 2.31 लाख करोड़ रुपये रहा पिछले साल की तुलना में 22.9% की वृद्धि दर्ज की गई चालू वित्त वर्ष 2026-27 में कुल संग्रह 14.78 लाख करोड़ रुपये बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
रविवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में भारत सरकार का ग्रॉस वस्तु एवं सेवा कर संग्रह (जीएसटी Collection) 2.31 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 22.9% अधिक है। चालू वित्तीय वर्ष यानी 2026-27 के पहले सात महीनों (अप्रैल-अक्टूबर) के लिए कुल ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 14.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 13.2% की बढ़ोतरी को दर्शाता है।अक्टूबर में ग्रॉस घरेलू रेवेन्यू 15.8% बढ़कर 1.59 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि इम्पोर्ट से मिलने वाला रेवेन्यू 42.2% उछलकर 72,246 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में घरेलू बिक्री से जीएसटी कलेक्शन 16 प्रतिशत बढ़कर 1.59 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। वहीं, आयात से प्राप्त रेवेन्यू में 42 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये हो गया।अक्टूबर के कुल जीएसटी कलेक्शन में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) का योगदान 42,935 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) का 51,340 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी) का योगदान 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
जीएसटी रिफंड भी सालाना आधार पर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 27,934 करोड़ रुपये हो गया। रिफंड के एडजस्टमेंट के बाद अक्टूबर में नेट जीएसटी कलेक्शन 26 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। अप्रैल-अक्टूबर में नेट जीएसटी कलेक्शन 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।
प्रमुख राज्यों में, अक्टूबर में महाराष्ट्र ने सबसे अधिक 35,150 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व दर्ज किया, जो एक साल पहले के 31,013 करोड़ रुपये से 13% अधिक है। इसके बाद कर्नाटक का स्थान रहा, जहाँ 15,922 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ, जो 18% की वृद्धि दर्शाता है।वहीं, गुजरात का जीएसटी राजस्व 16% बढ़कर 13,516 करोड़ रुपये हो गया।
उत्तर प्रदेश में जीएसटी राजस्व 24% बढ़कर 10,235 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 8,283 करोड़ रुपये था। हरियाणा का कलेक्शन 17% बढ़कर 11,529 करोड़ रुपये हो गया, और दिल्ली में 10% की वृद्धि के साथ 9,298 करोड़ रुपये का कलेक्शन दर्ज किया गया। पंजाब का जीएसटी राजस्व 25% बढ़कर 2,856 करोड़ रुपये हो गया।
बड़े राज्यों में असम ने सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की, जहाँ जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 47% उछलकर 1,315 करोड़ रुपये से 1,934 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद झारखंड का नंबर रहा, जहाँ 31% की वृद्धि के साथ 2,821 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ, जबकि मध्य प्रदेश का कलेक्शन 29% बढ़कर 3,768 करोड़ रुपये हो गया।केरल में जीएसटी राजस्व 23% बढ़कर 3,486 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पश्चिम बंगाल का कलेक्शन 17% बढ़कर 6,055 करोड़ रुपये हो गया।
तेलंगाना में 14% की वृद्धि के साथ 5,958 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ, और आंध्र प्रदेश का राजस्व 24% बढ़कर 4,307 करोड़ रुपये हो गया। अक्टूबर के दौरान कई राज्यों में जीएसटी कलेक्शन में गिरावट देखी गई। सिक्किम में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जहाँ राजस्व 28% घटकर 221 करोड़ रुपये रह गया।
लद्दाख का कलेक्शन 20% घटकर 63 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पुडुचेरी में 7% की गिरावट के साथ 179 करोड़ रुपये का कलेक्शन दर्ज किया गया।हिमाचल प्रदेश में 2% की मामूली गिरावट के साथ 704 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ। तमिलनाडु का जीएसटी राजस्व सालाना आधार पर 3% बढ़कर 11,661 करोड़ रुपये हो गया, जबकि ओडिशा का कलेक्शन 10% बढ़कर 4,744 करोड़ रुपये हो गया।
राजस्थान में 16% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 4,937 करोड़ रुपये हो गया, वहीं बिहार का राजस्व 24% बढ़कर 1,827 करोड़ रुपये हो गया।

