राष्ट्रवाणी: भारत के पुराने कारोबारी घरानों में से एक मोदी ग्रुप की शुरुआत रायबहादुर गूजरमल मोदी ने 1932 में मात्र 400 …और पढ़ें मोदीनगर बसाने की शुरुआत 2 नवंबर को हुई थी गूजरमल मोदी ने 1932 में मोदी शुगर मिल्स की स्थापना की मात्र 400 रुपये से शुरू किया था अपना कारोबारी सफर बेगमाबाद गांव को विकसित कर मोदीनगर नाम दिया बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
भारत के जितने पुराने और बड़े कारोबारी घराने हैं, उनमें मोदी ग्रुप (Modi Group History) भी शामिल है। इस ग्रुप की शुरुआत एक शुगर मिल से हुई थी। ग्रुप के फाउंडर थे उद्योगपति रायबहादुर गूजरमल मोदी (Gujarmal Modi Success Story)।
आज ही के दिन यानी 2 नवंबर को सन 1932 में गूजरमल मोदी ने मोदी शुगर मिल्स की स्थापना की थी। आइए जानते हैं ये दिलचस्प इतिहास। मोदी शुगर मिल्स का इतिहास भारत के प्रसिद्ध औद्योगिक घराने मोदी ग्रुप और मोदीनगर की स्थापना से जुड़ा हुआ है।
इसकी नींव वर्ष 1932 में गूजरमल मोदी ने अपने भाई केदार नाथ मोदी के साथ मिलकर रखी थी। रायबहादुर गूजरमल मोदी ने मात्र 400 रुपये से अपने सफर की शुरुआत की थी। यह चीनी मिल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के बेगमाबाद नामक गांव में स्थापित की गई थी।
बाद में इस उद्योग के विस्तार के कारण इस पूरे इलाके का नाम बदलकर मोदीनगर रख दिया गया। फिर 32 साल बाद 17 जनवरी 1964 को मोदी शुगर मिल्स लिमिटेड का नाम बदलकर मोदी इंडस्ट्रीज लिमिटेड कर दिया गया। समय के साथ मोदी इंडस्ट्रीज ने चीनी उत्पादन के अलावा इस परिसर में डिस्टिलरी और अल्कोहल आधारित उत्पादों का भी संचालन शुरू किया।
आगे चलकर मोदी ग्रुप ने साबुन, वनस्पति तेल, कपड़ा, पेंट और आटा मिल (जैसे दिल्ली की प्रसिद्ध मोदी फ्लोर मिल्स) जैसे विभिन्न सेक्टर्स में भी अपना साम्राज्य फैलाया। फिर कंपनी ने रिटेल और संस्थागत चीनी बाजार में भी अपनी पकड़ मजबूत की और रिफाइंड शुगर का उत्पादन किया। गूजरमल मोदी के नेतृत्व में मोदी इंडस्ट्रीज की कई यूनिट्स स्थापित की गईं, जिनमें मोदी टॉर्च एंड लैंटर्न, मोदी सोप, मोदी पेंट एंड वार्निश, मोदी वनस्पति, मोदी गैस, मोदी आर्क इलेक्ट्रोड्स यूनिट, मोदी स्टील और मोदी डिस्टिलरी शामिल थीं।हालांकि भारी नुकसान के कारण, मोदी टॉर्च एंड लैंटर्न, मोदी सोप, मोदी पेंट एंड वार्निश, मोदी वनस्पति और मोदी गैस जैसी इकाइयाँ स्थायी रूप से बंद कर दी गईं।
बेगमाबाद नगरपालिका का नाम औपचारिक रूप से 1945 में बदलकर मोदीनगर रख दिया गया। खास बात ये है कि गूजरमल मोदी ने मोदीनगर को एक आत्मनिर्भर औद्योगिक शहर के रूप में बसाया, जिसमें अपना पावर ग्रिड, स्कूल, मंदिर और श्रमिकों के लिए आवासीय कॉलोनियां थीं। 9 अगस्त 1902 को जन्मे गूजरमल मोदी एक जाने-माने भारतीय उद्योगपति और समाजसेवी थे।
साल 1919 में जब देश ब्रिटिश हुकूमत के अधीन था, प्रथम विश्व युद्ध के बाद खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे थे। इसी मुश्किल दौर में गुजरमल ने अपने पिता की अनाज मिल में कैशियर के रूप में काम शुरू किया।कई सालों तक मिल में काम करने के बावजूद वे एक अजीब सी बेचैनी और बेकारपन महसूस करते रहे, जिससे निकलने का रास्ता उन्हें समझ नहीं आ रहा था।
फिर 1932 में सिर्फ 400 रुपये लेकर वे बेहतर कारोबारी मौके की तलाश में दिल्ली आए और आखिरकार बेगमाबाद को, जो आज मोदीनगर के नाम से जाना जाता है, अपने पहले स्वतंत्र कारोबार यानी एक शुगर मिल के लिए चुना। शुरुआत में शुगर मिल चलाने में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन गुजरमल ने हिम्मत से हालात को संभाला और अपने पहले ही बिजनेस को मुनाफे में बदल दिया।

