सुकमा
 माओवादियों के टॉप लीडर माड़वी हिड़मा के एनकाउंटर के बाद नक्सली संगठन में खौफ दिख रहा है। नक्सली संगठनों ने एक बार फिर हथियारबंद युद्ध रोकने के लिए तीन राज्यों के सीएम को लेटर लिखा है। वहीं, दूसरी तरफ एक खूंखार नक्सली के सरेंडर की अटकलें लगाई जा रही है। हिड़मा की मौत के बाद उसका दोस्त माने जाने वाला नक्सली देवा बारसे सरेंडर कर सकता है। देवा के सरेंडर को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह सरेंडर के लिए बातचीत कर रहा है।

दावा किया जा रहा है कि बटालियन कमांडर देवा बारसे अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण करना चाहता है लेकिन वह कन्फयूज्ड है कि किस राज्य में सरेंडर करे। पिछले दो तीन दिनों से नक्सली देवा के सरेंडर को लेकर खबरें आ रही हैं। हालांकि इसे लेकर अभी तक सुरक्षाबल के जवानों ने कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है। दावा किया गया है कि हिड़मा की मौत के बाद से देवा काफी परेशान है और वह आने वाले दिनों ने सरेंडर कर सुकमा लौटना चाहता है।

सरेंडर को लेकर क्यों कन्फयूज्ड है देवा
देवा और उनके साथी को लेकर यह कहा जा रहा है कि वह इस बात को लेकर कन्फयूज्ड हो गया है कि वह छत्तीसगढ़ में सरेंडर करे या फिर किसी दूसरे राज्य में। वह किस तरह से सरेंडर करे कि आत्मसमर्पण करने के बाद वह सुरक्षित रह सके और शासन की योजनाओं का लाभ भी ले सके।

देवा की मां से मिले थे डेप्युटी सीएम
डेप्युटी सीएम विजय शर्मा ने हाल ही में सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने हिड़मा और देवा के मां से मुलाकात की थी। दोनों की मां से अपील की थी कि नक्सली विचारधारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं। जिसके बाद देवा और हिड़मा की मां ने अपील की थी कि बेटा जहां भी हो लौट आओ। जंगल में भटकने से कोई फायदा नहीं होगा। इस अपील के 8 दिन बाद ही हिड़मा का एनकाउंटर हो गया था।

पूर्वती का रहने वाला है देवा
खूंखार नक्सली देवा सुकमा जिले के पूवर्ती का ही रहने वाला है। उसे हिड़मा का खास माना जाता था। कहा जाता है कि हिड़मा से प्रभावित होकर ही वह नक्सली विचारधारा में शामिल हुआ था। लेकिन उसकी मौत के बाद वह टूट गया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उसके सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम रखा है। हिड़मा की तरह देवा भी AK-47 हमेशा अपने साथ रखता है। 






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