लखनऊ/बलरामपुर. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में धर्मांतरण गिरोह चलाने के आरोपी छांगुर बाबा द्वारा कथित रूप से इस्लाम धर्म में दाखिल करायी गयी कुछ महिलाओं ने सोमवार को दावा किया कि हिंदू धर्म में वापसी के बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं. खुद को छांगुर बाबा के गिरोह का शिकार बताने वाली महिला ने संवाददाताओं को बताया कि अबू अंसारी नामक व्यक्ति ने अपना नाम अमित बताकर उससे मेलजोल बढ़ाया और वह अमित के रूप में ही उसके परिवार से भी मिला था.

महिला ने बताया कि वह छांगुर बाबा से पहली बार 2019 में मिली थी. उस जगह का माहौल बहुत अजीब था. वहां केवल महिलाएं ही थीं. उनका ‘ब्रेनवॉश’ किया गया था. छांगुर ने लगभग पांच हजार लोगों का धर्मांतरण कराया था. महिला ने कहा कि छांगुर बाबा को भले ही गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन उसके गिरोह के सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी अभी बाकी है. उसने दावा किया कि हिंदू धर्म में वापसी के बाद उसे धमकियां मिल रही हैं.

एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि उसे एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी करने के लिए मजबूर किया गया था. छांगुर बाबा और उसके साथी वर्ष 2047 तक भारत को एक इस्लामिक देश बनाना चाहते थे. विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने भी संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद की मदद से दोबारा हिंदू धर्म अपना चुके लोगों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं. ये धमकियां सोशल मीडिया और स्पीड पोस्ट से भेजे गए पत्रों के जरिए दी जा रही हैं.

राय ने यह भी आरोप लगाया कि कथित ‘लव जिहाद’ की शिकार कुछ महिलाओं को छांगुर बाबा के नेटवर्क से जुड़े लोग धमकियां दे रहे हैं. इसके लिये वह गोमती नगर थाने में शिकायत दर्ज कराने गए थे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की गई. राय ने यह भी बताया कि छांगुर बाबा के पाश में आकर इस्लाम धर्म अपनाने वाले लोगों ने तीन जुलाई को विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा आयोजित घर वापसी में हिस्सा लिया था. उसके बाद से ही उन्हें धमकियां मिल रही हैं.

बलरामपुर में छांगुर बाबा से वसूली जाएगी ध्वस्तीकरण की लागत

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में प्रशासन ने अवैध धर्मांतरण के आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों से सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण में खर्च हुए 8.55 लाख रुपये धनराशि की वसूली करने का फैसला किया है. जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

बलरामपुर के जिलाधिकारी (डीएम) पवन अग्रवाल ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि उतरौला क्षेत्र के मधपुर गांव स्थित गाटा संख्या 370 एवं 337 में अवैध कब्जा कर भवन का निर्माण किया गया था, जिसको हटाने के लिए प्रशासन द्वारा नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया था. जिलाधिकारी ने कहा कि नोटिस जारी करने के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया. विवश होकर प्रशासन को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ी.

अग्रवाल ने कहा कि अवैध रूप से बने भवन के ध्वस्तीकरण में आठ बुलडोजर के माध्यम से तीन दिन में कुल 24 बुलडोजर के जरिए अवैध कब्जा हटाया गया. डीएम के मुताबिक इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में कुल खर्च आठ लाख 55 हजार रुपये आया है.
उन्होंने कहा कि इस धनराशि को जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले लोगों से वसूला जाएगा. उन्होंने बताया कि वसूली का नोटिस जारी किया जा रहा है और क्षतिपूर्ति न जमा होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने जबरन धर्म परिवर्तन कराने वाले एक गिरोह के कथित सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को एक सप्ताह की हिरासत में लिया था, जिसके कुछ दिनों बाद यह कार्रवाई की गई है. एटीएस की एक टीम ने शुक्रवार को मधपुर स्थित उसके घर का दौरा किया और चल रही जांच के सिलसिले में महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्र किए. जलालुद्दीन और सह-आरोपी नीतू उर्फ नसरीन को पांच जुलाई को गिरफ्तार किया गया था.

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