नयी दिल्ली. भारत ने ढाका में दुर्गा मंदिर को कथित तौर पर गिराए जाने की घटना की बृहस्पतिवार को निंदा करते हुए कहा कि हिंदुओं के साथ-साथ धार्मिक संस्थानों की रक्षा करना बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ “सभी मामलों” पर ऐसे माहौल में बातचीत करने के लिए तैयार है जो पारस्परिक रूप से लाभकारी वार्ता के लिए अनुकूल हो. उनकी यह टिप्पणी अगले साल बांग्लादेश के साथ गंगा जल संधि के संभावित नवीनीकरण को लेकर पूछे गए सवाल पर आई.

जायसवाल ने मंदिर के कथित विध्वंस के लिए बांग्लादेशी अधिकारियों की आलोचना की. उन्होंने कहा, ”हमें पता चला है कि चरमपंथी ढाका के खिलखेत में दुर्गा मंदिर को ध्वस्त करने की मांग कर रहे थे.” उन्होंने कहा, ”अंतरिम सरकार ने मंदिर को सुरक्षा प्रदान करने के बजाय इस घटना को अवैध भूमि उपयोग के रूप में पेश किया…और उन्होंने आज मंदिर को गिराने की अनुमति दी.” उन्होंने कहा, ”इससे मूर्ति को स्थानांतरित करने से पहले ही नुकसान पहुंचा. हम इस बात से निराश हैं कि बांग्लादेश में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं.”

जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ”हिंदुओं, उनकी संपत्तियों और धार्मिक संस्थानों की रक्षा करे.” सीमा के जरिए बांग्लादेशी निर्यात पर अंकुश लगाने के भारत के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ये उपाय ढाका की “निष्पक्षता, समान व्यवहार और पारस्परिकता” की अपनी खोज पर आधारित हैं.

उन्होंने कहा, ”हम लंबे समय से बांग्लादेशी पक्ष के साथ लंबित मूल मुद्दों के समाधान का इंतजार कर रहे हैं. भारत द्वारा इन मुद्दों को पहले भी कई बैठकों में उठाया गया है, जिनमें वाणिज्य सचिव स्तर की वार्ता भी शामिल है.” पिछले महीने भारत ने द्विपक्षीय व्यापार में निष्पक्षता और समानता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीमा के माध्यम से बांग्लादेश से तैयार वस्त्रों और कई अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के निर्यात पर नियंत्रण लगाने का निर्णय लिया था.

कनाडा के साथ साझेदारी मजबूत करने पर विचार: भारत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कनाडा यात्रा के कुछ दिनों बाद भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह व्यापार और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में कनाडा के साथ द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने पर विचार कर रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने खालिस्तान समर्थक अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से संबंधित मामले का जिक्र करते हुए कहा, ”वह विशेष मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है. इसलिए, हमें देखना होगा कि यह कैसे आगे बढ.ता है.” जायसवाल से पूछा गया कि क्या निज्जर मामले के बाद भारत और कनाडा के बीच संबंधों में नरमी आई है.

तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा 2023 में निज्जर की हत्या में संभावित भारतीय जुड़ाव के आरोपों के बाद भारत-कनाडा संबंधों में भारी गिरावट आई थी. प्रवक्ता ने पिछले सप्ताह कनाडा के कनानास्किस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की अपने कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के साथ हुई बैठक का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ”यह बहुत ही सार्थक और सकारात्मक बैठक थी. दोनों पक्षों ने रचनात्मक और संतुलित साझेदारी को आगे बढ.ाने की आवश्यकता पर जोर दिया.” उन्होंने कहा, ”हम कनाडा के साथ आर्थिक पक्ष, व्यापार पक्ष, ऊर्जा पक्ष, गतिशीलता पक्ष, छात्र आदान-प्रदान समेत कई मामलों में अपनी साझेदारी को मजबूत करने की आशा कर रहे हैं.” भाषा आशीष

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