नयी दिल्ली. पड़ोसी देश नेपाल में हिंसक अशांति और पिछले साल बांग्लादेश में संवैधानिक संकट का बुधवार को यहां उच्चतम न्यायालय में जिक्र हुआ. प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने ‘राष्ट्रपति के संदर्भ’ पर नौवें दिन की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की.

न्यायमूर्ति गवई ने टिप्पणी की, ”हमें अपने संविधान पर गर्व है. देखिए हमारे पड़ोसी राज्यों में क्या हो रहा है. नेपाल, हमने देखा….” न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने भी बांग्लादेश में पिछले साल हुए इसी तरह के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा, ”हां, बांग्लादेश में भी….” नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने मंगलवार को बड़े पैमाने पर सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा दे दिया.
इससे कुछ ही देर पहले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने उनके कार्यालय में घुसकर भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटाने को लेकर सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत के लिए उनके इस्तीफ.े की मांग की थी.

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