मुंबई/कन्नूर. इंडिगो ने रद्द या अत्यधिक विलंबित उड़ानों के लिए अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली है और शनिवार तक 3,000 नग सामान यात्रियों तक पहुंचा दिया गया है. सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी. सरकार ने कहा कि देश का विमानन नेटवर्क तेजी से सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है और परिचालन पूरी तरह स्थिर होने तक सभी सुधारात्मक कदम लागू रहेंगे.
सरकार ने शनिवार को एयरलाइन को निर्देश दिया था कि रद्द उड़ानों से संबंधित टिकटों का रिफंड रविवार शाम तक पूरा किया जाए और यात्रियों के छूटे हुए सामान को अगले 48 घंटे के भीतर उन तक पहुंचाया जाए. मंत्रालय ने कहा कि इंडिगो के हालिया परिचालन संकट के कारण उत्पन्न व्यवधान को दूर करने के लिए तेज और प्रभावी कदम उठाए गए हैं, ताकि यात्रियों को आगे कोई असुविधा न हो.
नागर विमानन मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा, “इंडिगो अब तक 610 करोड़ रुपये का रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर चुका है. रद्द उड़ानों से प्रभावित यात्रियों के यात्रा पुर्निनर्धारण में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. यात्रियों की सहायता के लिए विशेष सहायता केंद्र बनाए गए हैं, ताकि रिफंड और दोबारा बुकिंग से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान हो सके.” मंत्रालय ने बताया कि देशभर में हवाई सेवाएं तेजी से सामान्य हो रही हैं. अन्य सभी घरेलू विमानन कंपनियां पूरी क्षमता के साथ सुचारू रूप से उड़ानें संचालित कर रही हैं, जबकि इंडिगो का प्रदर्शन भी लगातार सुधर रहा है. इंडिगो की उड़ानें शुक्रवार को 706 से बढक़र शनिवार को 1,565 हो गईं और रविवार शाम तक 1,650 तक पहुंचने की संभावना है.
माकपा नेता ने इंडिगो पर निशाना साधा
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ई. पी. जयराजन ने रविवार को कहा कि उन्हें बहुत पहले ही यह एहसास हो गया था कि विमानन कंपनी इंडिगो ‘‘सही दिशा में नहीं जा रही है’’. वह विमानन कंपनी के उड़ानों में उत्पन्न मौजूदा व्यवधानों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे.
जयराजन की जुलाई 2022 में विमान के भीतर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई हो गई थी, जिसके बाद इंडिगो ने उन पर तीन सप्ताह के लिये विमान में यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया था. जयराजन उस समय मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के साथ यात्रा कर रहे थे. घटना के बाद जयराजन ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह अब इंडिगो की उड़ानों में यात्रा नहीं करेंगे.
उन्होंने यहां एक समाचार चैनल से कहा, ‘‘बहुत पहले, मुझे एहसास हुआ कि कंपनी ने मेरे खिलाफ जो रुख अपनाया, उसकी वजह से वह सही दिशा में नहीं जा रही थी. दिल्ली में कुछ कांग्रेसी नेताओं ने इंडिगो के साथ साठगांठ की और मुझ पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिया गया.’’ केंद्र पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए जयराजन ने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार इंडिगो की वजह से हो रही परेशानी के लिए जवाबदेह है.
