मुंबई: इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा हो चुकी है। अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने शुभमन गिल को नया टेस्ट कप्तान बनाया है। 25 साल के शुभमन भारत के 37वें टेस्ट कप्तान होंगे। वहीं, ऋषभ पंत को टेस्ट में उपकप्तान बनाया गया है। गिल को लेकर काफी पहले से चर्चा हो रही थी। रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद से ही गिल के नाम की चर्चा हो रही थी। अब शनिवार को मुख्य चयनकर्ता अगरकर ने इसकी घोषणा की। इंग्लैंड दौरे से भारतीय टीम के नए टेस्ट चैंपियनशिप चक्र (2025-27) की भी शुरुआत होगी।

गिल ने ऑस्ट्रेलिया में किया था टेस्ट डेब्यू

गिल ने टेस्ट में 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर डेब्यू किया था। गाबा में टेस्ट में उन्होंने 91 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। इस मैच को जीतकर अजिंक्य रहाणे की टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया पर 2-1 की अजेय बढ़त हासिल की थी। तब से लेकर अब तक गिल ने 32 टेस्ट में 35.03 की औसत से 1893 रन बनाए हैं। इसमें पांच शतक और सात अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने 210 चौके और 31 छक्के लगाए हैं। हालांकि, भारत से बाहर गिल का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। खासतौर पर इंग्लैंड में गिल कुछ खास नहीं कर पाए हैं। वहां उन्होंने दो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल भी खेले हैं। इंग्लैंड में तीन मैचों में उन्होंने 15 से कम की औसत से 88 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया में गिल ने छह टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और 35.20 की औसत से 352 रन बनाए हैं। इसमें दो अर्धशतक शामिल हैं।

गिल के पांचों शतक एशियाई धरती पर आए

गिल के पांच शतक भारतीय या बांग्लादेश की जमीन पर आए हैं। यह दिखाता है कि विदेशी जमीन पर अभी भी गिल को खुद को साबित करना बाकी है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गिल ने तीन टेस्ट की पांच पारियों में 18.60 की औसत से 93 रन बनाए थे। इनमें एक भी अर्धशतक नहीं है। गिल ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत ओपनर बल्लेबाज के तौर पर की थी, लेकिन यशस्वी के आने के बाद उन्हें तीन नंबर पर भेजा जाने लगा। अब विराट कोहली के संन्यास के बाद गिल को चौथे नंबर को अपनाने के लिए कहा जा सकता है।

क्या गिल सीनियर खिलाड़ियों को मैनेज कर पाएंगे?

अगरकर ने कप्तान की घोषणा करते हुए कहा, ‘गिल बहुत युवा हैं और हमने उनमें सुधार देखा है। यह एक काफी दबाव वाली जिम्मेदारी है, लेकिन हम आशावादी हैं।’ पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 3-0 की हार और फिर ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 3-1 की हार ने रोहित शर्मा को टेस्ट से संन्यास लेने के लिए मजबूर किया था। ऐसे में शुभमन को बेहद सावधानी से चलना होगा।

गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीनियर खिलाड़ियों को मैनेज करना होगा। टीम में बुमराह, शार्दुल, जडेजा, कुलदीप, केएल राहुल जैसे सीनियर खिलाड़ी हैं। इनको एक साथ लाना ताकि टीम में फूट न पड़े, यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। इससे पहले 2008-09 में हुआ था जब धोनी को एक अनुभवी टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी। 2014 में कोहली को दिक्कत नहीं हुई, क्योंकि उस टीम में लगभग सभी नए थे।

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