Jio IPO से पहले बड़ा बदलाव: किरण थॉमस की जगह पंकज पवार बने CEO, निवेशकों की नजर अब अगले कदम पर-भारत की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में से एक जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO से पहले बड़ा नेतृत्व परिवर्तन किया है। कंपनी ने किरण थॉमस की जगह पंकज पवार को नया CEO नियुक्त किया है। यह बदलाव कंपनी के ड्राफ्ट IPO दस्तावेजों में सामने आया है। ऐसे समय में जब जियो शेयर बाजार में कदम रखने की तैयारी कर रहा है, यह फैसला निवेशकों को मजबूत नेतृत्व और स्थिर प्रबंधन का भरोसा देने के लिए अहम माना जा रहा है। इससे IPO के दौरान निवेशकों का विश्वास और बढ़ेगा।
IPO से पहले क्यों हुआ नेतृत्व में बदलाव?-जियो प्लेटफॉर्म्स ने बताया कि किरण थॉमस ने 23 मार्च को CEO पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद 24 मार्च से पंकज पवार ने जिम्मेदारी संभाली। पंकज पवार पहले से ही रिलायंस जियो के टेलीकॉम कारोबार में अहम भूमिका निभा रहे थे और कंपनी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं। उनके पास जियो के बिजनेस मॉडल और संचालन का गहरा अनुभव है। IPO से ठीक पहले यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि निवेशक कंपनी के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को करीब से देखते हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार अब सिर्फ टेलीकॉम तक सीमित नहीं-जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने कारोबार का विस्तार तेजी से किया है। अब यह सिर्फ मोबाइल नेटवर्क सेवा देने वाली कंपनी नहीं रह गई है। टेलीकॉम के साथ-साथ ब्रॉडबैंड, डिजिटल ऐप्स, ऑनलाइन सेवाएं, क्लाउड टेक्नोलॉजी और कई उपभोक्ता डिजिटल प्लेटफॉर्म भी इसके कारोबार का हिस्सा बन चुके हैं। इसी वजह से जियो भारत की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में डिजिटल इकोसिस्टम को और मजबूत बनाना है। इसलिए निवेशकों की नजर सिर्फ वित्तीय प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं पर भी बनी हुई है।
करीब 4 अरब डॉलर के IPO पर टिकी बाजार की नजर-जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित IPO करीब 4 अरब डॉलर का बताया जा रहा है। अगर यह योजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह भारत के सबसे बड़े और चर्चित IPO में से एक होगा। लंबे समय से बाजार और निवेशक इस लिस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में कंपनी के नेतृत्व में स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मैनेजमेंट किसी भी बड़ी लिस्टेड कंपनी के लिए भरोसे की सबसे बड़ी वजह होती है। इसलिए पंकज पवार की नियुक्ति को कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पंकज पवार के अनुभव से कंपनी को मिलेगी मजबूती-पंकज पवार लंबे समय से रिलायंस समूह के साथ जुड़े हैं और टेलीकॉम सेक्टर में उनका अच्छा अनुभव माना जाता है। उन्होंने जियो के विभिन्न संचालन और रणनीतिक योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंपनी को उम्मीद है कि उनका अनुभव IPO के बाद भी कारोबार को नई दिशा देने में मदद करेगा। एक सूचीबद्ध कंपनी बनने के बाद जियो को निवेशकों, नियामक संस्थाओं और शेयर बाजार की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा। ऐसे में अनुभवी नेतृत्व कंपनी के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकता है। इसलिए कंपनी ने किसी बाहरी व्यक्ति की बजाय अपने ही अनुभवी अधिकारी पर भरोसा जताया है।
अब IPO प्रक्रिया पर रहेगी निवेशकों की सबसे बड़ी नजर-अब जियो प्लेटफॉर्म्स के सामने सबसे अहम चरण IPO से जुड़ी नियामकीय और बाजार की प्रक्रिया है। कंपनी के दस्तावेजों की जांच के दौरान निवेशक उसकी कॉर्पोरेट गवर्नेंस, वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की विकास रणनीति, वैल्यूएशन और प्रबंधन व्यवस्था का विस्तार से आकलन करेंगे। यही तय करेगा कि बाजार में कंपनी को कितना सकारात्मक रिस्पॉन्स मिलता है। फिलहाल नेतृत्व में हुए इस बदलाव को जियो की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले महीनों में IPO से जुड़े नए अपडेट्स पर पूरे बाजार और निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

