कोच्चि. केरल उच्च न्यायालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए मलयालम फिल्म ‘बोगेनविलिया’ की प्रविष्टि स्वीकार करने के अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति वी जे अरुण ने फिल्म के निर्माता अमल नीरद प्रोडक्शन द्वारा दायर की गयी याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश जारी किया.

‘प्रोडक्शन हाउस’ ने अदालत को बताया कि तकनीकी गड़बड़ियों के कारण राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराने का उसका प्रयास असफल रहा. बाद में उसने 31 अक्टूबर को मंत्रालय को ईमेल भेजकर इस मुद्दे को उठाया और समाधान की मांग की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.

सुनवाई के दौरान, उप सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आधिकारिक पोर्टल 10 अक्टूबर से खुला था और प्रविष्टि जमा करने की प्रक्रिया के लिए अखिल भारतीय स्तर पर प्रचार किया गया. उच्च न्यायालय ने कहा कि वह यह निर्धारित नहीं कर सकता कि क्या याचिकाकर्ता को वास्तव में तकनीकी कारणों से आवेदन करने से रोका गया था.

उच्च न्यायालय ने कहा कि लेकिन चूंकि ‘प्रोडक्शन हाउस’ ने समय ब­ढ़ाने की मांग की है, इसलिए सक्षम प्राधिकारी को इस याचिका पर विचार करना चाहिए. मंत्रालय को 10 दिन के भीतर फैसला लेने को कहा गया. कुंचाको बोबन और फहद फासिल अभिनीत ‘बोगेनविलिया’ ने केरल राज्य फिल्म पुरस्कारों में सात पुरस्कार जीते हैं.

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