नयी दिल्ली: केंद्र ने जल जीवन मिशन योजनाओं के जमीनी निरीक्षण के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों का दौरा करने के लिए 100 दलों को तैनात किया है। इस मिशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर ग्रामीण परिवार को सस्ते शुल्क पर नियमित और दीर्घकालिक तौर पर पर्याप्त मात्रा में निर्धारित गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध हो।

जल शक्ति मंत्रालय की योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आठ मई को कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन की अध्यक्षता में बैठक हुई थी जिसमें इन दलों को राज्यों में भेजने का निर्णय लिया गया था। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है,‘‘बैठक के दौरान जल जीवन मिशन योजनाओं के जमीनी निरीक्षण के लिए 100 दलों को भेजने का निर्णय लिया गया।’’

सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, कार्मिक मंत्रालय ने मिशन के तहत योजनाओं के कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए चिन्हित जिलों के वास्ते केंद्रीय नोडल अधिकारी (सीएनओ) नियुक्त किए हैं। निरीक्षण के लिए विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों के सचिवों, संयुक्त सचिवों और निदेशकों को लगाया गया है।

आदेश के अनुसार, मूल्यांकन की जाने वाली ऐसी 27 योजनाएं मध्यप्रदेश में हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। उसके बाद राजस्थान में 21, उत्तर प्रदेश में 18 और कर्नाटक में 16 ऐसी योजनाएं हैं। केंद्रीय दल ओडिशा, गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, झारखंड, पंजाब, सिक्किम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और गोवा एवं अन्य राज्यों का भी दौरा करेंगे।

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