नयी दिल्ली/श्रीनगर. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि 21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में एक विधेयक लाकर जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाए.
उन्होंने यह मांग भी उठाई कि सरकार केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत शामिल करने के लिए भी विधेयक लाए. संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा. केंद्र सरकार ने पांच अगस्त, 2019 को संसद में विधेयक लाकर जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बना दिया था तथा प्रदेश को विभाजित करके दो केंद्रशासित प्रदेशों-जम्मू-कश्मीर (विधानसभा सहित) और लद्दाख बनाए गए थे.
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, “पिछले पांच वर्षों से, जम्मू-कश्मीर के लोग लगातार पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे हैं. यह मांग वैध भी है और उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों पर आधारित है.” उन्होंने कहा कि अतीत में केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य का दर्जा दिए जाने के उदाहरण रहे हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर का मामला ऐसा है कि स्वतंत्र भारत में जिसकी कोई मिसाल नहीं है.
उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि यह पहली बार है कि विभाजन के बाद किसी पूर्ण राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है.
कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेताओं ने कहा, ”कई मौकों पर, आपने व्यक्तिगत रूप से राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है.” खरगे और राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के मामले में उच्चतम न्यायालय के समक्ष इसी तरह का आश्वासन दिया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य का दर्जा ”जितनी जल्दी हो सके” बहाल किया जाएगा.
संसद सत्र से पहले जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल करने की मांग उठाने के लिए कांग्रेस का आभार: उमर
जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने बुधवार को कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे गए उस पत्र का स्वागत किया, जिसमें केंद्र-शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की गई है. केंद्र-शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ”हम ऐसी कोई मांग नहीं कर रहे, जिसका हमसे वादा नहीं किया गया.” उमर ने जम्मू में एक समारोह के दौरान संवाददाताओं से कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करने के लिए उच्चतम न्यायालय से केंद्र को बहुत पहले निर्देश मिल चुका है.
उमर ने कांग्रेस नेताओं द्वारा मोदी को लिखे गए पत्र के बारे में पूछे जाने पर कहा, ”यह बहुत अच्छी बात है. हम इस दिन का इंतजार कर रहे थे, जब विपक्ष संसद और दिल्ली में अपनी आवाज उठाए. मैं खरगे और राहुल का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने केंद्र के समक्ष राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा उठाया.” उन्होंने कहा, ”हम ऐसी कोई मांग नहीं कर रहे, जिसका हमसे वादा नहीं किया गया. संसद के भीतर और बाहर, उच्चतम न्यायालय में और सार्वजनिक समारोहों में हमसे बार-बार वादा किया गया कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा.” उमर ने कहा, ”आपको याद होगा कि जब उच्चतम न्यायालय ने अपना आदेश (संविधान के अनुच्छेद-370 पर) पारित किया था, तो उसने जितनी जल्दी हो सके, राज्य का दर्जा बहाल करने का आह्वान किया था. हम कह रहे हैं कि जितनी जल्दी हो सके, बहुत पुरानी बात हो चुकी है और अब जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा वापस मिलना चाहिए.”
जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा उचित समय पर, प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा करना चाहिए: जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा उचित समय पर बहाल किया जाएगा और सभी को इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए सार्वजनिक आश्वासन पर भरोसा करना चाहिए. ‘पीटीआई’ के साथ एक विशेष वीडियो साक्षात्कार में सिंह ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए उस पत्र को भी ”अप्रासंगिक” बताकर खारिज कर दिया, जिसमें जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए संसद के आगामी मानसून सत्र में एक विधेयक लाने की मांग की गई थी.
सिंह ने कहा, ”मुझे लगता है कि यह प्रश्न बहुत प्रासंगिक नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद एक से अधिक बार सार्वजनिक रैलियों में कहा है कि भारत सरकार जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह उचित समय पर होगा.” वह कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और नेता प्रतिपक्ष गांधी द्वारा लिखे गए पत्र तथा इस संबंध में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा की गई मांगों पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे.
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री सिंह ने कहा, ”मैं समझता हूं कि भारत के प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा है, उसके बाद उनके द्वारा कही जा रही बातों में कुछ और जोड़ने की जरूरत नहीं है.” यह पूछे जाने पर कि क्या सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र में जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए कोई विधेयक लाने की कोशिशें चल रही हैं, मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं है. सिंह ने कहा, ”नहीं, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है.”
