श्रीनगर: कश्मीर में शीतकालीन अवकाश के कारण लगभग तीन महीने तक बंद रहने के बाद शुक्रवार को स्कूल फिर से खुल गए। यहां एक मार्च को स्कूल खुलने थे, लेकिन खराब मौसम के कारण सरकार ने एक सप्ताह के लिए छुट्टियां बढ़ा दी थीं।

अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी में लगभग 10 हजार सरकारी और निजी स्कूल शुक्रवार सुबह खुल गए, जिसमें शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं। शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने अवकाश के बाद स्कूल फिर से खुलने पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं।

इटू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘छात्र र्सिदयों की छुट्टियों के बाद अपने स्कूलों में जा रहे हैं, मैं उनके सफल भविष्य की कामना करती हूं। मैं सभी हितधारकों, विशेष रूप से शिक्षक बंधुओं से इस वर्ष को यादगार, सफल बनाने के लिए समर्थन की सराहना करती हूं। सभी को शुभकामनाएं।’’ कई स्कूलों को सजाया गया और विद्यार्थियों के स्वागत के लिए वहां छोटे-छोटे समारोह आयोजित किए गए।

एक निजी स्कूल के छात्र जिया-उल-इस्लाम ने कहा, ‘‘मैं बहुत उत्साहित हूं कि स्कूल फिर से खुल रहे हैं। मैं इतने लंबे समय के बाद अपने दोस्तों और शिक्षकों से मिलने के लिए और भी अधिक उत्साहित हूं।’’ एक अन्य छात्रा आफरीन ने कहा कि छुट्टियां जरूरी थीं और घर पर रहना मजेदार था, लेकिन स्कूल का अपना अलग ही आकर्षण है।

राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक इरफान अहमद ने कहा कि छात्रों और सहर्किमयों के बीच आकर अच्छा लग रहा है। इस बीच, उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में गुरेज घाटी के प्राधिकारियों ने भारी बर्फबारी और मौसम की स्थिति के मद्देनजर सभी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश आठ मार्च तक बढ़ा दिया है।

सरकार द्वारा कश्मीर संभाग और जम्मू संभाग के शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों में पिछले वर्ष छह दिसंबर से अवकाश की घोषणा की गई थी। कश्मीर में र्सिदयों के दौरान तापमान जमाव ंिबदु से नीचे दर्ज किया जाता है और विशाल क्षेत्र बर्फ से ढका रहता है, जिसके कारण वहां स्कूल लगभग तीन महीने तक बंद रहते हैं।

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