
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दशकों तक की गई अपनी मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति के चलते दयनीय हालत में पहुंच गई है. मौर्य ने मंगलवार को कटाक्ष करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”राजनीति का इतिहास ‘गवाह’ है कि दशकों तक मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करते-करते कांग्रेस खुद ‘पंक्चर’ हो गई है.” उन्होंने कहा, ”इस कड़वी सच्चाई के बावजूद वह (कांग्रेस) अभी भी ज.मीनी हक.ीक.त से कोसों दूर है. सच यह भी है कि क्षेत्रीय दलों की बैसाखियों पर घिसटने के अलावा उसके सामने कोई दूसरा रास्ता ही नहीं है.”
मौर्य ने कहा, ”इस सबके बावजूद उसमें अकड़ ऐसी है जैसे देश का भार उसी पर हो. विपक्ष में होने के बावजूद उसका व्यवहार सत्ता पक्ष जैसा है. लोकतंत्र के बजाय गांधी परिवार की छाया में ‘राजशाही’ में यकीन करने वाली कांग्रेस को संविधान की कभी फ.क्रि नहीं रही है.” उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के इतिहास में बस एक फर्क यह आया है कि अब वह गांधी जी के ‘खादी’ को तिलांजलि देकर ‘टी-शर्ट’ पर आ गई है.
मौर्य ने कहा, ”इसका प्रभाव भी जनता पर बेअसर है क्योंकि पांच बार सांसद बनने के बाद भी श्री राहुल गांधी का मतलब ही ‘नामुमकिन’ है. दूसरी तरफ यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का मतलब ही ‘मुमकिन’ है. उनके नेतृत्व में भाजपा देश की ‘तस्वीर’ बदल रही है, जबकि कांग्रेस केवल मुस्लिम समाज को ‘पंक्चर’ वाला ही देखना चाहती है.” सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर एक अलग हमले में मौर्य ने ‘एक्स’ पर कहा, “2027 में सपा की सफाई तय देखकर अखिलेश यादव जी पूरी तरह बौखला चुके हैं. अब समाज को बांटने और सामाजिक ताना-बाना तोड़ने वाले गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं और दिलवा रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन सपा को इस नीति से अभी फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा. भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर काम करती रहेगी. बाबा साहेब आंबेडकर जी की जयंती पर मिले ऐतिहासिक जनसमर्थन से सपा का हाजमा खराब हो चुका है.” मौर्य ने कहा, “इनके फर्जी पीडीए का गुब्बारा भी फूट चुका है. कुछ का साथ, परिवार और गुंडो के विकास का फार्मूला ही सपा को ‘समाप्तवादी पार्टी’ बनाने के लिए पर्याप्त है. सपा और सैफई खानदान को गरीबों, पिछड़ों और दलितों का विकास कभी रास नहीं आएगा. भाजपा ही वर्तमान, भाजपा ही भविष्य. 2027 में 2017 दोहराएंगे. तीसरी बार उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार.”
