नयी दिल्ली/कोच्चि. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि किसी के पास भी ”लूटने का अधिकार” नहीं है. पार्टी ने कांग्रेस के इन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें उसने, ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद, बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया था.

पूर्व कानून मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि (नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कानून अपना काम करेगा और जांच एजेंसियां ??कांग्रेस की ”धमकियों” से नहीं घबराएंगी. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस पार्टी गांधी परिवार के खिलाफ आरोपों पर जवाब दे, न कि राजनीतिक प्रतिक्रिया दे. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल को जांच के खिलाफ अपनी याचिकाओं में न्यायपालिका से कोई राहत नहीं मिली.

उन्होंने गांधी परिवार के खिलाफ मुख्य आरोप को रेखांकित किया कि ‘यंग इंडिया कंपनी’ के 76 प्रतिशत शेयरधारक के रूप में उन्होंने (सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने) एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के स्वामित्व वाली हजारों करोड़ की अचल संपत्ति का ”दुरुपयोग” किया, जिसके पास ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार का स्वामित्व था.

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस को (सोनिया गांधी और राहुल के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र का विरोध करने के लिए) ‘धरना’ देने का अधिकार है, लेकिन उन्हें ‘नेशनल हेराल्ड’ को सरकार द्वारा दी गई सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग करने का अधिकार नहीं है.
उन्होंने कांग्रेस पर जांच एजेंसी को धमकी देने का आरोप लगाया और पूछा कि क्या पार्टी और गांधी परिवार कानून की उचित प्रक्रिया में विश्वास करते हैं या नहीं.

उन्होंने कहा, ”हम कांग्रेस की धमकियों की निंदा करते हैं. यहां मोदी सरकार है. वह कानून को अपना काम करने देगी.” उन्होंने कहा कि ‘यंग इंडिया’ ने कांग्रेस द्वारा एजेएल को दिए गए 90 करोड़ रुपये के ऋण को माफ कर दिया और 50 लाख रुपये के मामूली निवेश के साथ कंपनी का स्वामित्व प्राप्त कर लिया.

उन्होंने कहा कि यह जमीन सरकार ने एजेएल को दी थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिष्ठान ने कथित तौर पर ‘नेशनल हेराल्ड’ का इस्तेमाल विज्ञापन और संपत्ति जुटाने के लिए किया. उन्होंने आरोप लगाया, ”एक अखबार जिसे स्वतंत्रता संग्राम में ब्रिटिश साम्राज्यवाद से लड़ने वालों की आवाज उठाने के लिए स्थापित किया गया था, वह कांग्रेस पार्टी के लिए धन कमाने का जरिया बन गया.” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह ”विकास का गांधी मॉडल” है. उन्होंने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाद्रा पर हरियाणा में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की मिलीभगत से जमीन सौदे में भारी मुनाफा कमाने के आरोप का जिक्र किया.

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘नेशनल हेराल्ड’ की शुरुआत 1930 के दशक में स्वतंत्रता संग्राम की आवाज के रूप में 5,000 शेयरधारकों के साथ की गई थी, लेकिन इसे नेहरू-गांधी परिवार की जागीर बना दिया गया. प्रसाद ने दावा किया कि सरदार वल्लभभाई पटेल और चंद्र भानु गुप्ता जैसे कांग्रेस नेताओं ने अखबार के संचालन के तरीके पर चिंता व्यक्त की थी. अखबार का प्रकाशन बंद हो चुका है.

ईडी ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा अन्य के खिलाफ ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में यहां एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसमें उन पर कथित तौर पर 988 करोड़ रुपये के धन शोधन का आरोप लगाया गया है. कांग्रेस ने ईडी के आरोपपत्र को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है.

‘करप्शन की करतूत को भी कुर्बानी का ताबूत’ बना कर घूमती है कांग्रेस: नकवी

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले का हवाला देते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ”करप्शन (भ्रष्टाचार) की करतूत को भी कुर्बानी का ताबूत” बना कर घूमती है. उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि इस मामले में कानून के तहत कार्रवाई की गई है, लेकिन कांग्रेस के लोगों का खुद को पीड़ित दिखाने का रिवाज बन गया है.

नकवी ने आरोप लगाया, ”कांग्रेस करप्शन की करतूत को भी कुर्बानी का ताबूत बना कर घूमती है.” उन्होंने पश्चिम बंगाल में हिंसा को लेकर दावा किया कि वक्फ संशोधन अधिनियम के माध्यम से किए गए सुधार से कुछ लोग बौखला गए हैं.

कांग्रेस का नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन ‘चोर मचाए शोर’ जैसा: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में पार्टी नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपपत्र को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन ह्लचोर मचाए शोरह्व जैसा है.

इससे पहले दिन में कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड मामले में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार के खिलाफ अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में आरोपपत्र ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का कार्य नहीं है, बल्कि कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान दायर की गई एक याचिका का परिणाम है. कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार 2004 से 2014 तक केंद्र में सत्ता में थी. सचदेवा ने एक बयान में कहा, ”नेशनल हेराल्ड मामले में न केवल भ्रष्टाचार बल्कि विश्वासघात का भी गंभीर मामला है और इस पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन ”चोर मचाए शोर” जैसा है. उन्होंने कहा कि कानूनी लड़ाई लड़ने के बजाय कांग्रेस नेता मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”यह बदले की भावना से की गई कार्रवाई नहीं है. अगर मामला कमजोर, झूठा या राजनीति से प्रेरित होता, तो गांधी परिवार, जो 2012 (जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी) से लेकर 2014 के मध्य तक सत्ता में था, अपने कार्यकाल के दौरान इसे रद्द करवा लेता.” सोनिया गांधी और राहुल गांधी जिस कानूनी परेशानी का सामना कर रहे हैं, वह उनके अपने ‘लालच’ का नतीजा है, न कि भाजपा सरकार के दबाव के कारण.

उन्होंने कहा कि यह 13 साल की कानूनी जांच का नतीजा है. सचदेवा ने आरोप लगाया, ”यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस का प्रथम परिवार अब अपने भ्रष्टाचार के मामले को राजनीतिक मोड़ देने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को आगे कर रहा है. वास्तव में नेशनल हेराल्ड की संपत्तियां हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए धन से बनाई गई थीं और इन संपत्तियों को गांधी परिवार ने एक निजी कंपनी में बदलकर लूट लिया था.”

केरल भाजपा अध्यक्ष ने नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस, राहुल गांधी पर निशाना साधा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भ्रष्टाचार, झूठ और तुष्टीकरण की राजनीति करने का बुधवार को आरोप लगाया. चंद्रशेखर ने संशोधित वक्फ अधिनियम और मुनंबम मुद्दे पर कांग्रेस के रुख के साथ-साथ नेशनल हेराल्ड मामले के सिलसिले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ हाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया.

उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और उसके सांसद मुनंबम के निवासियों की दुर्दशा से कभी चिंतित नहीं थे, क्योंकि उनकी संख्या कम है और वे मुस्लिम वोट बैंक की रक्षा करने में अधिक रुचि रखते हैं. चंद्रशेखर ने कहा कि इन सांसदों में केरल के सांसद भी शामिल हैं. मुनंबम के निवासियों में सर्वाधिक ईसाई हैं.

मुनंबम के निवासी पिछले कई महीनों से वक्फ बोर्ड द्वारा उनकी भूमि और संपत्तियों पर कथित रूप से अवैधानिक दावे के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, जबकि उनके पास पंजीकृत दस्तावेज और भूमि कर भुगतान की रसीदें हैं. चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि संविधान की रक्षा करने का दावा करने वाली कांग्रेस और उसके सांसद तुष्टीकरण की राजनीति के तहत वक्फ अधिनियम में असंवैधानिक प्रावधानों को हटाने के उद्देश्य से किए गए संशोधनों का विरोध कर रहे हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने नेशनल हेराल्ड मामले का भी जिक्र किया और कहा कि यह कांग्रेस पार्टी के दोहरे मानदंडों, झूठ और भ्रष्टाचार की राजनीति का एक और उदाहरण है, जिसके लिए वह (कांग्रेस) मशहूर हो गई है. उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में न्याय का कानून उन्हें (राहुल गांधी को) और उनके परिवार को अपनी गिरफ्त में ले लेगा.

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