रायपुर. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के पास केरल की दो ननों के खिलाफ धर्मांतरण और मानव तस्करी से संबंधित आरोपों में मामला दर्ज करने के पर्याप्त आधार थे. रेलवे पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की शिकायत पर नन प्रीति मेरी और वंदना फ्रांसिस तथा सुकमन मंडावी नामक एक व्यक्ति को 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था.

बजरंग दल के कार्यकर्ता ने उन पर नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्मांतरण और उनकी तस्करी करने का आरोप लगाया था.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल राज्य इकाई के महासचिव अनूप एंटनी जोसेफ ने मंगलवार को रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शर्मा से दोनों ननों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की.

शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, “दुर्ग रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद बयान (कथित पीड़ितों के संदर्भ में) दर्ज किए गए. उन बयानों के आधार पर यह स्पष्ट है कि उनके (जीआरपी) पास मामला दर्ज करने के पर्याप्त आधार थे.” शर्मा ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र (नारायणपुर) की महिलाओं को वे (नन) ले जा रही थीं और उनके साथ कुछ स्थानीय लोग भी थे. उन्होंने कहा कि (मानव तस्करी की) घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं, इसलिए यह जाँच का विषय है. उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है.

शर्मा ने बताया कि केरल भाजपा महासचिव जोसेफ ने उनसे मुलाकात की और पूरी घटना का जायजा लिया. जब उनसे दुर्ग सेंट्रल जेल में गिरफ्तार ननों से मिलने जा रहे कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ प्रतिनिधिमंडल को कथित तौर पर रोके जाने और उसके बाद उनके द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने के बारे में पूछा गया, तो शर्मा ने कहा, “अगर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया था तो यह कुछ नहीं, बस एक नाटक है.”

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