राष्ट्रवाणी (रायपुर ब्यूरो): प्रतिनिधि, रायपुर। पीवी ऐप की तकनीकी खामियों और अपनी मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे पटवारियों पर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने के निर्देश के साथ अलग-अलग जिलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप को निलंबित कर दिया गया है। रायपुर में पटवारियों को चेतवनी दी गई है। सोमवार से नोटिस जारी किया जाएगा।
इसके आलावा बलरामपुर में मुख्यालय में निवास नहीं करने के मामले में पांच पटवारियों को निलंबित भी कर दिया गया है। बिलासपुर में 259 और सरगुजा संभाग के छह जिलों में 819 पटवारियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है। हड़ताल का असर अब केवल राजस्व कार्यालयों तक सीमित नहीं है।
धान खरीदी की तैयारियों के बीच डिजिटल क्राप सर्वे, फसल सत्यापन, एग्रीस्टैक में किसानों के अभिलेखों की जांच और गिरदावरी जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं। चक्रवाती तूफान से फसल क्षति के आकलन और राहत कार्यों के लिए भी पटवारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशासन और हड़ताली पटवारियों के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी 13 अक्टूबर से जारी हड़ताल के कारण राजस्व कामकाज प्रभावित है। सारंगढ़, बरमकेला और सरिया तहसील के पटवारियों को नोटिस देकर तत्काल ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने धान गिरदावरी, आपदा सर्वे और अन्य राजस्व कार्यों में आ रही बाधा का हवाला देते हुए आदेश की अवहेलना पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

