कराची. पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पुलिस ने एक युवक और एक युवती की गोली मारकर हत्या किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कम से कम 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. वीडियो में दिखाया गया है कि कुछ लोग एक युवक युवती को गाड़ी से निकाल कर एक रेगिस्तानी इलाके में ले जा रहे हैं और फिर उन्हें पिस्तौल से गोली मार देते हैं. इसके बाद उनके शवों पर गोलियां बरसाई जाती हैं. नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना को ‘ऑनर किलिंग’ करार दिया है.
सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के तुरंत बाद देश में इस घटना को लेकर आक्रोश फैल गया तथा नागरिक समाज, धार्मिक विद्वानों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपराधियों को गिरफ्तार किए जाने और उन्हें कठोरतम सजा दिए जाने की मांग की.
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने सोमवार को पुष्टि की कि झूठी शान की खातिर हत्या करने के इस मामले में 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने कहा कि मामले की जांच जारी है.
डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, क्वेटा के हन्ना-उरक पुलिस स्टेशन के प्रभारी नवीद अख्तर ने एक प्राथमिकी दर्ज की है.
अखबार की खबर के अनुसार अख्तर ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो क्लिप मिलने के बाद शिकायत दर्ज कराई थी. अख्तर ने कहा कि जांच करने पर उनकी टीम को पता चला कि यह घटना ईद-उल-अज.हा से तीन दिन पहले हुई थी. प्राथमिकी में कहा गया है, “वायरल वीडियो में दिख रहे युवक और युवती की पहचान बानो बीबी और एहसानुल्लाह के रूप में हुई है.” एफआईआर में घटना में शामिल 15 अन्य अज्ञात संदिग्धों का भी उल्लेख किया गया है.
अखबार ने अख्तर के हवाले से कहा, “हत्या की प्रकृति को देखते हुए, मामले को अब आगे की जाँच के लिए गंभीर अपराध जाँच शाखा को सौंप दिया गया है.” एफआईआर में कहा गया है कि हत्या से पहले पीड़ितों को कथित तौर पर एक कबाइली नेता के पास ले जाया गया, जिसने उन्हें ‘अनैतिक संबंध’ में शामिल होने का दोषी घोषित किया और उनकी हत्या का आदेश दिया, जिसके बाद उन्हें रेगिस्तान में ले जाया गया और गोली मारकर हत्या कर दी गई.
इसमें आगे कहा गया, “हत्या का वीडियो बनाया गया और जनता में भय और दहशत फैलाने के लिए इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया.” वीडियो में पुरुषों को बलूचिस्तान के कई हिस्सों में बोली जाने वाली ब्राहुई भाषा बोलते सुना गया. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ज.रदारी ने संदिग्धों को “जानवर” करार देते हुए कहा कि वे किसी भी रियायत के हकदार नहीं हैं.
बलूच कार्यकर्ता सम्मी दीन बलूच ने गोलीबारी को ‘ऑनर किलिंग’ बताते हुए बलूच बुजुर्गों से “महिलाओं के फैसलों का सम्मान” करने की अपील की. पाकिस्तान में हर साल ऑनर किलिंग के मामलों में कई लोगों की जान जाती है. पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने एक रिपोर्ट में कहा है कि 2024 में देश में ऑनर किलिंग के कम से कम 405 मामले दर्ज किए गए. इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका से पाकिस्तान लौटे एक व्यक्ति ने स्वीकार किया था कि उसने अपनी किशोर बेटी की हत्या इसलिए की क्योंकि वह टिकटॉक वीडियो नहीं बनाने का उसका कहना नहीं मान रही थी.
