न्यूयॉर्क. पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने एक बार फिर भारत विरोधी राग अलापते हुए कश्मीर को पाकिस्तान के ”गले की नस” बताया है. मुनीर ने फ्लोरिडा के टेम्पा में पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने पानी के अधिकारों की हर कीमत पर रक्षा करेगा. पहलगाम हमले से कुछ हफ्ते पहले मुनीर ने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को नहीं भूलेगा और उन्होंने दावा किया था, ”यह हमारे गले की नस (बेहद महत्वपूर्ण) है.” भारत ने उनके इस बयान को खारिज कर दिया था.
विदेश मंत्रालय ने कहा था, ”किसी भी विदेशी चीज का ‘गले की नस’ से क्या संबंध हो सकता है? यह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है. पाकिस्तान से इसका एकमात्र संबंध यह है कि पड़ोसी देश अपने अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करे.” अपने संबोधन में मुनीर ने कहा कि हाल में भारत के साथ हुए संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने ”दृढ़ता एवं प्रबलता से” प्रतिक्रिया दी और इस्लामाबाद ने स्पष्ट कर दिया कि भारत की ओर से किसी भी आक्रमण का ”मुंहतोड़ जवाब” दिया जाएगा.
पाकिस्तानी सेना के एक बयान के अनुसार, मुनीर आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका में हैं और उन्होंने पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय के सदस्यों के साथ ही वरिष्ठ राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की है. प्रवासी पाकिस्तानी समुदाय को संबोधित करते हुए मुनीर ने कहा कि कश्मीर ”भारत का आंतरिक मामला नहीं है, बल्कि एक अधूरा अंतरराष्ट्रीय एजेंडा है. जैसा कि कायद-ए-आजम ने कहा था कि कश्मीर पाकिस्तान के ‘गले की नस’ है.” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी बांध से पाकिस्तान का पानी रोका गया, तो इस्लामाबाद उसे नष्ट कर देगा.
‘डॉन’ अखबार ने मुनीर के हवाले से कहा, ”हम भारत के बांध बनाने का इंतज.ार करेंगे, और जब वो बनाएंगे, तो हम उसे तबाह कर देंगे. सिंधु नदी भारत की जागीर नहीं है. पानी के प्रवाह को रोकने की भारत की हर कोशिश को नाकाम करने के लिए हमारे पास पर्याप्त साधन है.” मुनीर ने कहा कि डेढ़ महीने के अंतराल के बाद उनकी यह दूसरी अमेरिकी यात्रा पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों में एक नए आयाम का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि इन यात्राओं का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सार्थक, स्थायी और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना है.
मुनीर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान, (अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप का अत्यंत आभारी है, जिनके रणनीतिक नेतृत्व ने ”भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने के साथ-साथ दुनिया में कई अन्य युद्धों” को भी टाल दिया. भारत ने लगातार यह कहा है कि भारत और पाकिस्तान ने अपने सैन्य अभियानों को दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रत्यक्ष वार्ता के बाद रोका था, जिसमें अमेरिका की कोई मध्यस्थता नहीं थी.
अपने संबोधन के दौरान मुनीर ने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ होने वाले एक व्यापारिक समझौते से बड़े पैमाने पर निवेश आर्किषत होने की उम्मीद है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर पाकिस्तान ने महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं. मुनीर ने जून में अमेरिका की पांच दिवसीय यात्रा की थी और इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक निजी दोपहर भोज किया था. यह एक अभूतपूर्व कदम था, जो आमतौर पर किसी देश या सरकार के प्रमुखों के लिए ही होता है. उस बैठक में ट्रंप ने तेल समझौते समेत विभिन्न क्षेत्रों में अमेरिका-पाकिस्तान सहयोग बढ़ाने की घोषणा की थी.
